हरियाणा विधानसभा में दो दिवसीय ‘हरियाणा युवा संवाद’ के दूसरे संस्करण का शुभारंभ, 13 राज्यों से 65 युवा प्रतिभागी शामिल
चंडीगढ़, 16 जनवरी: हरियाणा विधानसभा में शुक्रवार को राजधानी युवा संसद संस्था के सहयोग से दो दिवसीय ‘हरियाणा युवा संवाद’ के दूसरे संस्करण का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस संवाद में देश के 13 राज्यों से आए 65 युवा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि भारत ने गुलामी का लंबा और कठिन दौर देखा, जिसमें हमारी समृद्ध संस्कृति और मूल्यों को नुकसान पहुंचाने के प्रयास हुए, लेकिन इसके बावजूद भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनकर उभरा है। यह संविधान की मजबूती और देशवासियों की एकजुटता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि संविधान हमें सिखाता है कि भारत की असली शक्ति उसके नागरिक हैं, और सभी को मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करना होगा। भारत विविधताओं का देश है, जहां भाषाएं, परंपराएं और संस्कृतियां भिन्न हैं, लेकिन लक्ष्य एक ही है—देश और प्रदेश की प्रगति।
विधानसभा अध्यक्ष ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सकारात्मक राजनीति को अपनाएं और समाधान-आधारित सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की विविधता स्वाभाविक है, लेकिन इसका उद्देश्य समाज की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की प्रगति के लिए महिलाओं का सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक सशक्तिकरण जरूरी है, इसी दिशा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक विधेयक पारित किया गया है।

दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट सम्मेलन के अपने अनुभव साझा करते हुए हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि वहां कई देशों के स्पीकर्स भारत की सांस्कृतिक विविधता के बावजूद उसकी लोकतांत्रिक मजबूती से प्रभावित नजर आए।
कार्यक्रम में विधायक पूजा चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव, हरियाणा युवा संवाद के सह-संस्थापक जय सैनी और ईशा कपूर ने भी युवाओं को संबोधित किया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन, संविधान सभा के अनुभव, लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रश्नकाल आयोजित किया गया। इसके बाद दो विशेष सत्र संपन्न हुए। पहले सत्र में ‘हरियाणा का सतत विकास: औद्योगिक विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग’ विषय पर गहन चर्चा हुई। दूसरे सत्र में हरियाणा औद्योगिक नीति-2025, औद्योगिक विस्तार की आवश्यकता, चुनौतियों और विजन 2030 की प्राप्ति के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।











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