1,018 लिंक रिपोर्ट, 583 हटाए गए; 28 फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स चिन्हित
पंचकूला/ चंडीगढ़, 17 जनवरी। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती अवैध, भ्रामक और आपत्तिजनक गतिविधियों के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए साइबर हरियाणा के माध्यम से एक विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से चलाया जा रहा है।
हरियाणा पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर राष्ट्र-विरोधी, धर्म-विरोधी, भड़काऊ और समाज में भ्रम व तनाव फैलाने वाली सामग्री लगातार सामने आ रही थी। इसे रोकने के लिए साइबर हरियाणा टीम ने करीब एक माह पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निरंतर मॉनिटरिंग शुरू की, जो अभी भी जारी है।
1,018 लिंक और प्रोफाइल रिपोर्ट
इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 1,018 लिंक और सोशल मीडिया प्रोफाइल को रिपोर्ट किया गया है। इनमें से 583 आपत्तिजनक लिंक/कंटेंट को हटाया या ब्लॉक किया जा चुका है, जबकि 435 लिंक अभी समीक्षा प्रक्रिया में हैं, जिन पर जल्द ही टेक-डाउन की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह आंकड़े सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति हरियाणा पुलिस की गंभीरता को दर्शाते हैं।
आईटी एक्ट के तहत तुरंत नोटिस
साइबर हरियाणा टीम रोजाना ऐसे पोस्ट, वीडियो, लिंक और प्रोफाइल की पहचान कर रही है, जिनमें गलत जानकारी, उकसाने वाली भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाला कंटेंट शामिल है। जैसे ही ऐसी सामग्री सामने आती है, आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर तुरंत हटाने के निर्देश दिए जाते हैं।
फर्जी ट्रेडिंग और निवेश ऐप्स पर भी शिकंजा
डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने 12 जनवरी 2026 से फर्जी ट्रेडिंग और निवेश ऐप्स के खिलाफ एक अलग विशेष अभियान शुरू किया है।
इस अभियान में अब तक 28 संदिग्ध ऐप्स और चैनलों की पहचान की गई है, जिनमें से 14 को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया है, जबकि 14 ऐप्स समीक्षा और टेक-डाउन की प्रक्रिया में हैं।
डीजीपी अजय सिंघल की सख्त चेतावनी
हरियाणा के डीजीपी श्री अजय सिंघल ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ या नफरत फैलाने वाली सामग्री को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया समाज और खासकर युवाओं पर गहरा प्रभाव डालता है, ऐसे में गलत जानकारी सीधे सामाजिक सौहार्द और शांति के लिए खतरा बन सकती है।
डीजीपी ने नागरिकों से अपील की कि वे:
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें,
नए ऐप में निवेश से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें,
बिना सत्यापन के कोई संवेदनशील सामग्री साझा न करें।
सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाना लक्ष्य
एडीजीपी साइबर सिबाश कबिराज ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, जागरूक और भरोसेमंद डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम है, जिसका जिम्मेदारी से उपयोग समाज को जोड़ने और सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हो सकता है।
फर्जी निवेश ऐप्स से सतर्क रहने की अपील
डीजीपी अजय सिंघल ने फर्जी इनवेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप्स को लेकर लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि साइबर अपराधी कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगते हैं। उन्होंने अपील की कि किसी भी संदिग्ध ऐप या वेबसाइट पर पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचें।
किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में नागरिक साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते ठगी की राशि को रोका जा सके और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कानून के पालन को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।











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