September 20, 2026 12:19 am

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हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत की रैंकिंग में सुधार, पांच पायदान की छलांग

नई दिल्ली। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ताजा रैंकिंग में भारत ने पांच स्थान की छलांग लगाते हुए 85वें स्थान से सुधरकर 80वें स्थान पर जगह बनाई है। अब भारतीय पासपोर्ट धारक 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकेंगे। इस मामले में भारत अल्जीरिया और नाइजर के बराबर पहुंच गया है। वर्ष 2025 में भारत की रैंकिंग 85वीं थी।

हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा जारी यह इंडेक्स इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के टिमैटिक डेटा पर आधारित है। इसमें देशों को इस आधार पर रैंक किया जाता है कि उनके पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। खास बात यह है कि हेनले पासपोर्ट इंडेक्स इस साल अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।

हेनले एंड पार्टनर्स के चेयरमैन और हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के निर्माता डॉ. क्रिश्चियन एच. कैलिन ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में वैश्विक मोबिलिटी में तो इजाफा हुआ है, लेकिन इसके लाभ समान रूप से नहीं बंटे हैं। आज पासपोर्ट की ताकत अवसर, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी तय करने में अहम भूमिका निभा रही है। बढ़ती औसत पहुंच के बावजूद, असली फायदा अभी भी आर्थिक रूप से मजबूत और राजनीतिक रूप से स्थिर देशों तक ही सीमित है।

सिंगापुर सबसे ताकतवर पासपोर्ट
इस ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में सिंगापुर एक बार फिर दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट बना हुआ है, जिसके जरिए 192 देशों और क्षेत्रों में बिना वीजा यात्रा संभव है। वहीं अफगानिस्तान सबसे निचले पायदान पर है, जहां के पासपोर्ट धारक सिर्फ 24 जगहों पर ही वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं।

जापान और दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर
पासपोर्ट रैंकिंग में जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। दोनों देशों के पासपोर्ट धारकों को 188 डेस्टिनेशन तक वीजा-फ्री एक्सेस मिलता है, जिससे वैश्विक मोबिलिटी में एशिया का दबदबा और मजबूत हुआ है। डेनमार्क, लक्जमबर्ग, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड 186 डेस्टिनेशन के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
हालांकि शीर्ष रैंकिंग में यूरोप का दबदबा है, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात (5वां), न्यूजीलैंड (6वां), ऑस्ट्रेलिया (7वां), कनाडा (8वां) और मलेशिया (9वां) जैसे देश अहम अपवाद हैं। अमेरिका एक बार फिर टॉप-10 में लौट आया है, जबकि ब्रिटेन की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल अमेरिका और ब्रिटेन दोनों ने वीजा-फ्री एक्सेस में अपना सबसे बड़ा सालाना नुकसान झेला।

यूरोप के कई देशों ने लगाई लंबी छलांग
पिछले दो दशकों में पश्चिमी बाल्कन और पूर्वी यूरोप के देशों ने भी उल्लेखनीय प्रगति की है। अल्बानिया 36 पायदान चढ़कर 43वें स्थान पर पहुंच गया है। यूक्रेन 34 पायदान की छलांग के साथ 30वें स्थान पर आ गया है। सर्बिया, उत्तर मैसेडोनिया, बोस्निया और हर्जेगोविना तथा जॉर्जिया ने भी रैंकिंग में बड़ा सुधार किया है। यह प्रगति क्षेत्रीय सहयोग और प्रमुख साझेदारों के साथ मजबूत संबंधों का परिणाम मानी जा रही है।

चीन, सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका की स्थिति
चीन का पासपोर्ट 81 देशों में वीजा-फ्री एक्सेस के साथ 59वें स्थान पर है। सऊदी अरब 54वें नंबर पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका 48वें स्थान पर है, जिसके पासपोर्ट धारक 101 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं।

बांग्लादेश और पाकिस्तान निचले पायदान पर
बांग्लादेश 95वें स्थान पर है और उसके पासपोर्ट से 37 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा संभव है। पाकिस्तान इस सूची में 98वें स्थान पर है। अफगानिस्तान 101वें नंबर पर बना हुआ है, जो इस रैंकिंग में सबसे नीचे है।

 

 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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