August 28, 2026 12:39 am

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लुधियाना में नशे का कहर: एक ही परिवार के सात लोगों की मौत, मां शिंदर कौर अकेली बचीं

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले के शेरेवाल गांव से नशे की भयावह तस्वीर सामने आई है। गांव के एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत नशे की लत के चलते हो चुकी है। हाल ही में परिवार के सबसे छोटे सदस्य जसवीर सिंह (27) की भी ड्रग्स ओवरडोज से मौत हो गई। उसका शव करनाल से बरामद हुआ था। इस त्रासदी के बाद अब पूरे परिवार में सिर्फ मां शिंदर कौर ही जीवित बची हैं।

परिवार पर दुखों का सिलसिला साल 2012 में शुरू हुआ, जब घर के मुखिया मुख्तियार सिंह की अत्यधिक शराब सेवन के चलते ट्रैक्टर हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी पत्नी शिंदर कौर पर आ गई। उन्होंने अकेले ही अपने छह बेटों की परवरिश की, लेकिन गांव और आसपास फैले नशे के जाल ने उनके पूरे परिवार को निगल लिया।

2021 से 2026 तक बुझते गए घर के चिराग
नशे की लत के कारण शिंदर कौर अपने छह बेटों—कुलवंत सिंह (34), गुरदीप सिंह, जसवंत सिंह, बलजीत सिंह, राजू सिंह और अब सबसे छोटे जसवीर सिंह—को खो चुकी हैं। साल 2021 से लेकर अब तक एक-एक कर सभी बेटों की मौत हो गई। 15 जनवरी को जसवीर सिंह का शव मलसीहा बजान के खोली वाला पुल के पास नहर किनारे झाड़ियों में मिला था। पुलिस जांच में उसकी मौत का कारण भी नशा बताया गया है।

परिवार से मिले अश्विनी शर्मा, सरकार पर उठाए सवाल
इस घटना के बाद पंजाब बीजेपी के वर्किंग प्रेसिडेंट अश्विनी शर्मा पीड़ित परिवार से मिलने शेरेवाल गांव पहुंचे। उन्होंने शिंदर कौर से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और सरकार की नशा विरोधी नीति पर सवाल खड़े किए।

अश्विनी शर्मा ने कहा,
“यह बेहद दुखद है कि पंजाब में नशा खत्म नहीं हो पाया, बल्कि लगातार बढ़ रहा है। अलग-अलग सरकारें आईं, लेकिन इस गंभीर समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकला। आज भी नशा युवाओं की जान ले रहा है।”
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार 2022 में बदलाव के वादे के साथ बनी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा फर्क नजर नहीं आ रहा। “एक ही परिवार के सात लोगों की मौत बताती है कि हालात कितने भयावह हैं। यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पंजाब के कई घरों की सच्चाई है,” उन्होंने कहा।

परिवार और ग्रामीणों की मांग
पीड़ित परिवार ने अश्विनी शर्मा से मांग की कि इलाके में नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और परिवार को इस तरह उजड़ने से बचाया जा सके। ग्रामीणों का भी कहना है कि गांव और आसपास के इलाकों में अब भी खुलेआम ड्रग्स की बिक्री हो रही है, जिस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही।
पुलिस ने इस मामले में एक महिला और एक पुरुष के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नशे की इस त्रासदी ने एक बार फिर पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ चल रही लड़ाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मां के आंसू और उजड़ा हुआ घर सरकार व प्रशासन से ठोस और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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