May 23, 2026 9:54 pm

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रेवाड़ी-बावल तक नमो भारत RRTS को हरी झंडी, औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार

नई दिल्ली/रेवाड़ी: दिल्ली के सराय काले खां से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल तक नमो भारत आरआरटीएस (रैपिड रेल) परियोजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस फैसले से न केवल क्षेत्र में यातायात की बड़ी समस्या का समाधान होगा, बल्कि धारूहेड़ा और बावल जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी भी बेहद तेज हो जाएगी। प्रस्तावित रूट पर दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सफर महज 5 मिनट में पूरा हो सकेगा।

यातायात जाम से मिलेगी राहत
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस परियोजना की मंजूरी की जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पत्र लिखकर दी है। दिल्ली-अलवर नमो भारत कॉरिडोर के पहले चरण में सराय काले खां से बावल तक निर्माण को स्वीकृति दी गई है। फिलहाल दिल्ली, गुरुग्राम और रेवाड़ी के बीच यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की संख्या में तेज इजाफे के चलते अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। रैपिड रेल शुरू होने से इन समस्याओं पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।

औद्योगिक कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा लाभ
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश ही नहीं, देशभर में अपनी अलग पहचान रखते हैं। यहां करीब 700 से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियां कार्यरत हैं, जिनसे 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है। दिल्ली से बावल की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है, जिसमें करीब 22 किलोमीटर दिल्ली और शेष हिस्सा हरियाणा में पड़ता है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों का समय बचेगा, आवाजाही आसान होगी और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

दूसरे चरण में नीमराना तक विस्तार पर विचार
हालांकि पहले चरण में राजस्थान के नीमराना तक परियोजना का विस्तार नहीं किया गया है, जिससे वहां के लोगों को फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि दूसरे चरण में नीमराना तक विस्तार पर विचार किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह लंबे समय से इस परियोजना को नीमराना तक बढ़ाने की मांग करते रहे हैं और इस संबंध में कई बार पत्र भी लिख चुके हैं। बावजूद इसके, पहले चरण में नीमराना को शामिल न किए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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