May 23, 2026 9:54 pm

May 23, 2026 9:54 pm

सोशल मीडिया अलर्ट बना जीवनरक्षक, दिल्ली पुलिस ने 19 वर्षीय युवक की बचाई जान

नई दिल्ली, 23 जनवरी 2026: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर मिले एक अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया कंट्रोल रूम और रेलवे पुलिस की त्वरित व संवेदनशील कार्रवाई से 19 वर्षीय युवक की जान बचा ली गई। युवक कथित तौर पर प्रेम प्रसंग से जुड़े मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने की बात कर रहा था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 21 जनवरी की शाम करीब 6:32 बजे ‘एक्स’ पर एक यूजर ने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए एक गंभीर सूचना साझा की। पोस्ट में बताया गया कि एक 19 वर्षीय युवक टेलीग्राम चैट के दौरान आत्महत्या की बात कर रहा है और रेलवे ट्रैक पर जान देने की मंशा जता रहा है। पोस्ट में युवक का नाम और मोबाइल नंबर भी साझा किया गया था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया कंट्रोल रूम की टीम ने बिना समय गंवाए सूचना का सत्यापन किया और संबंधित थानों को अलर्ट किया। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर युवक के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर होने की आशंका जताई गई, जिस पर वहां की पुलिस को सतर्क किया गया।
तकनीकी जांच और आपसी समन्वय के दौरान युवक की सटीक लोकेशन हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर कन्फर्म हुई। यह जानकारी मिलते ही हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन थाना पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, समय पर लोकेशन कन्फर्म होना पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर शंभू नाथ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपनी टीम के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचकर युवक की तलाश शुरू की। कुछ ही समय में पुलिस टीम ने युवक को सुरक्षित ढूंढ लिया और आत्मघाती कदम उठाने से पहले ही उसे बचा लिया गया। पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
रेस्क्यू के बाद युवक को थाने लाकर काउंसलिंग कराई गई। पुलिस के अनुसार, युवक मानसिक तनाव में था। आवश्यक परामर्श के बाद उसे सुरक्षित रूप से उसके चाचा के सुपुर्द कर दिया गया, जो दिल्ली के जैतपुर इलाके के निवासी हैं।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया कंट्रोल रूम लगातार ऐसे संवेदनशील मामलों पर नजर रखता है। समय पर मिली सही सूचना और त्वरित पुलिस कार्रवाई कई जिंदगियों को बचाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सही समय पर सही सूचना किसी की जिंदगी बचा सकती है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 2 3 5 8 2
Total Users : 323582
Total views : 540308

शहर चुनें