चंडीगढ़/नई दिल्ली: आज गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे जया एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस तिथि के अधिपति भगवान विष्णु हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी विवाह, उपवास, आत्मसंयम और धनवर्धक गतिविधियों के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। इस दिन किए गए धार्मिक और स्थायी कार्यों से सकारात्मक फल मिलने की मान्यता है।
29 जनवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: माघ
पक्ष: शुक्ल
तिथि: एकादशी
दिन: गुरुवार
योग: एन्द्र
नक्षत्र: रोहिणी
करण: विष्टि
चंद्र राशि: वृषभ
सूर्य राशि: मकर
सूर्योदय: सुबह 07:12 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:56 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 02:00 बजे
चंद्रास्त: तड़के 04:55 बजे (30 जनवरी)
राहुकाल: 13:55 से 15:15 बजे
यमगंड: 07:12 से 08:32 बजे
स्थायी कार्यों के लिए शुभ है रोहिणी नक्षत्र
आज चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित होकर रोहिणी नक्षत्र में गोचर कर रहा है। रोहिणी नक्षत्र को अत्यंत शुभ और स्थिर प्रकृति का माना जाता है। इसके देवता ब्रह्मा और शासक ग्रह चंद्रमा हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र में कुआं खुदवाना, भवन की नींव रखना, भूमि क्रय-विक्रय, पौधरोपण, बीज बोना, मंदिर निर्माण, देव स्थापना, राज्याभिषेक और अन्य स्थायी कार्य करना शुभ फलदायी होता है।
आज का वर्जित समय
आज दोपहर 13:55 से 15:15 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस अवधि में किसी भी शुभ कार्य से परहेज करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् काल में भी शुभ कार्य न करना ही बेहतर माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।











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