शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड, डेंटल अस्पताल व गौशाला का किया दौरा, अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
चंडीगढ़, 31 जनवरी: पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्थाओं और जनकल्याण से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के सख्त निर्देश दिए।
प्रशासक ने सेक्टर-25, डड्डूमाजरा, ईडब्ल्यूएस मलोया और रायपुर कलां स्थित शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (UAAM) स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया और सभी केंद्रों में नियमित सफाई, पर्याप्त स्टाफ, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड के निरीक्षण के दौरान श्री कटारिया ने स्थल की शीघ्र सफाई कराने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि वहां किसी भी प्रकार का नया कचरा न डाला जाए। उन्होंने वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के लिए मजबूत निगरानी तंत्र अपनाने पर जोर दिया।
इसके बाद प्रशासक ने सेक्टर-25 स्थित डॉ. हर्षवर्धन सिंह जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत की। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति और चिकित्सा स्टाफ को निर्देश दिए कि उपचार के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और जन-जागरूकता अभियानों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
कटारिया ने मखन माजरा स्थित गौशाला का भी निरीक्षण किया और अपने पूर्व दौरे के बाद किए गए रखरखाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नियमित पशु चिकित्सा देखभाल, पर्याप्त चारे की व्यवस्था, स्वच्छता और गौवंश के मानवीय प्रबंधन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षणों के उपरांत राज्यपाल एवं प्रशासक ने नगर निगम आयुक्त अमित कुमार तथा चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत कुमार यादव के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने शहर-व्यापी स्वच्छता, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक सेवाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, विशेषकर शहरी गरीब क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
चंडीगढ़ को स्वच्छ, स्वस्थ और नागरिक-अनुकूल शहर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कटारिया ने कहा कि सतत शहरी शासन के लिए नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण, अधिकारियों की जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है










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