July 1, 2026 10:50 am

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चंडीगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता; तांत्रिक/मौलवी बनकर ₹40 लाख और सोने के आभूषण ठगने वाला साइबर ठग गिरफ्तार

चंडीगढ़, 10 फरवरी 2026: चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने तांत्रिक/मौलवी बनकर महिलाओं से ठगी करने वाले साइबर फ्रॉड के एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए झांसे में लेकर पीड़ितों से करीब ₹40 लाख नकद और लगभग 150 ग्राम सोने के आभूषण ठगे।

इस संबंध में एफआईआर संख्या 08 दिनांक 14.01.2026, धारा 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) बीएनएस के तहत पुलिस स्टेशन साइबर क्राइम, चंडीगढ़ में मामला दर्ज किया गया था।

यह कार्रवाई चंडीगढ़ साइबर पुलिस प्रमुख आईपीएस गीतांजलि खंडेलवाल के नेतृत्व में, डीएसपी साइबर क्राइम एवं आईटी  ए. वेंकटेश के मार्गदर्शन तथा इंस्पेक्टर एराम रिजवी, एसएचओ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, सेक्टर-17 की देखरेख में की गई।

आरोपी का विवरण

नाम: रोहित भार्गव

पिता का नाम: नरेश कुमार भार्गव

निवासी: झुंझुनू, राजस्थान

मामले का सार

शिकायत के अनुसार, एक महिला पारिवारिक समस्याओं के चलते मानसिक रूप से परेशान थी। इसी दौरान वह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिखाए गए फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से आरोपियों के संपर्क में आई। इन विज्ञापनों में घरेलू, व्यक्तिगत और भावनात्मक समस्याओं के समाधान का झूठा दावा किया गया था।

आरोपी और उसके साथी ने फर्जी नाम व पहचान का इस्तेमाल कर खुद को तांत्रिक बाबा और मौलवी बताया। पीड़िता को अलौकिक खतरे और अनिष्ट की आशंका दिखाकर डराया गया और पैसों के बदले राहत दिलाने का झांसा दिया गया।

फरवरी 2024 से मई 2025 के बीच पीड़िता से अलग-अलग बैंक खातों में कई बार पैसे ट्रांसफर कराए गए और चंडीगढ़ में उससे लगभग 150 ग्राम सोने के आभूषण भी हासिल किए गए। कुल ठगी की राशि करीब ₹40,00,000 आंकी गई है।

जांच और गिरफ्तारी

जांच के दौरान दूरसंचार कंपनियों और बैंकों से सीडीआर, सीएएफ और केवाईसी दस्तावेज जुटाए गए।

बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक में दो खाते आरोपी रोहित भार्गव के नाम पाए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद 04.02.2026 को झुंझुनू (राजस्थान) में छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

बरामदगी

एक  मोबाइल फोन (सक्रिय सिम सहित)

एक सक्रिय सिम सहित)

जांच में सामने आया कि आरोपी ने

“मौलाना बरखत खान” बनकर मोबाइल नंबर 93XXXXX

“दिलबर शाह” बनकर मोबाइल नंबर 96XXXXX

का इस्तेमाल किया।

पूछताछ में खुलासा

आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी के साथ मिलकर महिलाओं को निशाना बनाता था। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी धार्मिक विज्ञापन डालकर पहले छोटी रकम ऐंठी जाती थी, फिर डर-धमकी और अलौकिक खतरे दिखाकर बड़ी रकम वसूली जाती थी। ठगी की रकम और सोने के गहने आपस में बराबर बांट लिए जाते थे।

जनता के लिए चंडीगढ़ पुलिस की सलाह

सोशल मीडिया पर गारंटीशुदा लाभ या चमत्कारी समाधान वाले विज्ञापनों से सावधान रहें।

अपनी निजी या पारिवारिक समस्याएं अनजान लोगों से साझा न करें।

भय, धमकी या अलौकिक खतरे दिखाकर मांगा गया पैसा ठगी का संकेत है।

तांत्रिक, मौलवी या आध्यात्मिक उपचारक होने का दावा करने वालों को बिना सत्यापन भुगतान न करें।

ओटीपी, बैंक विवरण, डेबिट/क्रेडिट कार्ड जानकारी किसी से साझा न करें।

अज्ञात खातों में निवेश या ट्रांसफर से पहले पूरी जांच करें।

साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में या

www.cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई और वसूली संभव हो सके।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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