चंडीगढ़। चंडीगढ़ में आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय सामुदायिक रेडियो सम्मेलन (उत्तर भारत) का आज सफल समापन हुआ। यह सम्मेलन उत्तर भारत के सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के लिए संवाद, सीख और समन्वय का एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ।
सम्मेलन के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा सामुदायिक रेडियो के प्रोत्साहन, नई नीतियों, प्रक्रियाओं में सुधार तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

सम्मेलन की विशेषता-
🔹 उत्तर भारत के रेडियो स्टेशनों ने अपने अनुभव साझा किए।
🔹 कंटेंट निर्माण, प्रशासनिक समन्वय और समुदाय सहभागिता पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
🔹 सरकारी प्रक्रियाओं में आने वाली चुनौतियों को खुले मंच पर रखा गया।
🔹 मंत्रालय की ओर से सकारात्मक उत्तर एवं सरल प्रक्रिया का आश्वासन दिया गया।
🔹 बिलिंग, सॉफ्टवेयर सपोर्ट और पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार सामुदायिक रेडियो को और सशक्त एवं सरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे रेडियो केंद्रों का समय और अनावश्यक व्यय दोनों की बचत हो सके।

ओपन हाउस सत्र – संवाद और समाधान
सम्मेलन के अंतिम सत्र में मंत्रालय के अधिकारियों ने रेडियो केंद्रों से सुझाव प्राप्त किए और आश्वासन दिया कि प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से कार्य किया जाएगा। यह संवादात्मक वातावरण सामुदायिक रेडियो आंदोलन को और मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम रहा।
जो स्टेशन किसी कारणवश इस सम्मेलन में उपस्थित नहीं हो पाए, उनसे भी आग्रह किया गया कि वे साझा की गई जानकारियों से स्वयं को अपडेट रखें।













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