August 29, 2026 5:20 am

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चंडीगढ़ में पिक एंड ड्रॉप पर 28 रुपये पार्किंग शुल्क को लेकर विवाद, ऑटो-कैब यूनियन ने मेयर से की मुलाकात

चंडीगढ़, 23 फरवरी। चंडीगढ़ में पार्किंग चार्जेस को लेकर ऑटो और कैब ड्राइवरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर ऑटो-कैब यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ के मौजूदा मेयर सौरव जोशी से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी।
15 साल में पहली बार वसूला जा रहा शुल्क: यूनियन
यूनियन अध्यक्ष ने मेयर को बताया कि शहर की पार्किंग में सवारी को पिक एंड ड्रॉप करने पर 28 रुपये का शुल्क वसूला जा रहा है, जो कि ड्राइवरों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड उठाकर देखा जा सकता है—चाहे कोई भी सरकार रही हो, कोई भी मेयर रहा हो या पार्किंग प्राइवेट ठेकेदार के पास रही हो—आज तक ऑटो और कैब चालकों से पिक एंड ड्रॉप के लिए कभी भी पार्किंग शुल्क नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि पहले पिक एंड ड्रॉप सुविधा पूरी तरह मुफ्त थी, लेकिन अब जबकि पार्किंग का संचालन चंडीगढ़ नगर निगम के हाथों में है, ड्राइवरों को सुविधा देने के बजाय उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

ड्राइवरों में रोष, आंदोलन की चेतावनी
ऑटो और कैब चालकों का कहना है कि 28 रुपये प्रति एंट्री का शुल्क उनके लिए आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है। एक दिन में कई बार पिक एंड ड्रॉप करने पर यह राशि काफी बढ़ जाती है। इसे लेकर ड्राइवर समुदाय में व्यापक नाराजगी है।
यूनियन अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे नगर निगम के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल की नौबत आई तो टैक्सी, कैब और ऑटो सेवाएं ठप हो सकती हैं, जिससे आम जनता, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

मेयर ने दिया समाधान का आश्वासन
मेयर सौरव जोशी ने ड्राइवरों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि आने वाले कुछ दिनों में ऑटो और कैब ड्राइवरों के साथ बैठक की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और ड्राइवर समुदाय को नाराज होने की आवश्यकता नहीं है।
मेयर ने कहा कि वह ड्राइवर समाज के साथ खड़े हैं और उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
अब देखना होगा कि नगर निगम और मेयर स्तर पर इस मुद्दे का समाधान कितनी जल्दी निकलता है, क्योंकि फिलहाल ड्राइवरों की नाराजगी बरकरार है और शहर में संभावित हड़ताल की आशंका बनी हुई है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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