चंडीगढ़ : 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। पंचकूला में दर्ज एफआईआर में IDFC First Bank (चंडीगढ़ शाखा) और AU Small Finance Bank (सेक्टर-32, चंडीगढ़) के कर्मचारियों समेत कुछ अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और बैंक कर्मचारियों की भूमिका खंगाली जा रही है। शुरुआती जांच में कुछ कर्मियों की मिलीभगत की आशंका जताई गई है।
सीएम का बयान: 24 घंटे में रिकवरी, राशि सरकार के खाते में जमा
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में कहा कि 590 करोड़ रुपये की पूरी राशि सरकार के खाते में वापस जमा हो चुकी है। उनके अनुसार, बैंक ने 556 करोड़ रुपये मूलधन और करीब 22 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में लौटाए हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार ने 24 घंटे के भीतर पूरी रकम रिकवर कर ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि चंडीगढ़ शाखा के निचले स्तर के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है।
हाई लेवल कमेटी और एसीबी जांच
सीएम ने बताया कि मामले की जांच के लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी गठित की गई है। साथ ही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को भी जांच सौंपी गई है। कमेटी दस्तावेजों और लेनदेन की विस्तृत पड़ताल कर दोषियों की पहचान करेगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रणालीगत सुधार सुझाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।
सदन में हंगामा, कांग्रेस ने किया विरोध
मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले घोटालों की फाइलें दबा दी जाती थीं, जबकि अब शासन प्रणाली में पारदर्शिता है। इस पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताया और सदन में हंगामा हुआ।
सोमवार को भी यह मुद्दा विधानसभा में जोर-शोर से उठा था। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुख्यमंत्री के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस ने मामले की विस्तृत जांच और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए वॉकआउट किया था।
जांच जारी
पुलिस और एसीबी दस्तावेजों, बैंकिंग ट्रांजैक्शंस और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। फिलहाल केस दर्ज होने के बाद जांच तेज कर दी गई है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।










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