August 28, 2026 1:05 am

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Amul डेयरी की उत्पादन प्रक्रिया और सहकारी मॉडल का  बड़ोदरा में मीडिया ने किया गहन अवलोकन

पीआईबी मीडिया टूर के दौरान आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और किसानों से जुड़ी संरचना की विस्तृत जानकारी

रमेश गोयत
बड़ोदरा (गुजरात)। Press Information Bureau (पीआईबी) द्वारा आयोजित मीडिया टूर के अंतर्गत विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों के दल ने गुजरात में स्थित अमूल डेयरी संयंत्र का औद्योगिक भ्रमण किया। इस दौरे का उद्देश्य भारत के डेयरी उद्योग की कार्यप्रणाली, उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली तथा सहकारी ढांचे की सफलता को प्रत्यक्ष रूप से समझना था।
दौरे के दौरान डेयरी प्रबंधन ने मीडिया प्रतिनिधियों को अमूल की स्थापना से लेकर वर्तमान वैश्विक पहचान तक की विकास यात्रा, उत्पादन क्षमता, किसानों के नेटवर्क और आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

36 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक, तीन-स्तरीय सहकारी ढांचा
अमूल, गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के अंतर्गत संचालित एक सहकारी ब्रांड है, जो देश के सबसे बड़े डेयरी नेटवर्क में से एक है।
गुजरात में लगभग 18,600 से अधिक ग्राम दुग्ध सहकारी समितियाँ
36 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान सदस्य
प्रतिदिन औसतन 300 लाख लीटर (3 करोड़ लीटर) से अधिक दूध की खरीद
18 जिला दुग्ध संघों का संघीय ढांचा
अमूल का सहकारी मॉडल तीन स्तरों पर कार्य करता है:
ग्राम स्तर – दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियाँ
जिला स्तर – जिला दुग्ध संघ
राज्य स्तर – GCMMF द्वारा विपणन और ब्रांड प्रबंधन
यह मॉडल किसानों को सीधे भुगतान, पारदर्शी वसा-आधारित मूल्य निर्धारण और नियमित आय सुनिश्चित करता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
आधुनिक उत्पादन प्रक्रिया: संग्रहण से पैकेजिंग तक
मीडिया दल को बताया गया कि अमूल की उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक एवं स्वचालित प्रणाली पर आधारित है।

 

दूध संग्रहण प्रणाली

गांव स्तर पर बल्क मिल्क कूलर (BMC) के माध्यम से दूध को 4°C पर संरक्षित किया जाता है।
दूध की गुणवत्ता की जांच वसा (Fat) और एसएनएफ (SNF) के आधार पर की जाती है।
डिजिटल डेटा प्रणाली के माध्यम से किसानों के खातों में सीधा भुगतान।

प्रसंस्करण (Processing)
अत्याधुनिक पाश्चुरीकरण (Pasteurization) तकनीक
अल्ट्रा हाई टेम्परेचर (UHT) प्लांट
स्वचालित क्लीन-इन-प्लेस (CIP) सिस्टम
प्रतिदिन लाखों लीटर दूध की प्रोसेसिंग क्षमता

उत्पाद विविधता
अमूल द्वारा 50 से अधिक श्रेणियों में 200 से अधिक उत्पादों का निर्माण किया जाता है, जिनमें प्रमुख हैं:
दूध एवं फ्लेवर्ड मिल्क
मक्खन, घी, पनीर
आइसक्रीम
दही, लस्सी, छाछ
मिल्क पाउडर
चॉकलेट एवं बेवरेज उत्पाद

गुणवत्ता नियंत्रण और स्वच्छता मानक
मीडिया प्रतिनिधियों को डेयरी की प्रयोगशालाओं का भी दौरा कराया गया, जहां प्रत्येक बैच की माइक्रोबायोलॉजिकल एवं रासायनिक जांच की जाती है।
ISO एवं FSSAI मानकों के अनुरूप उत्पादन
स्वचालित पैकेजिंग इकाइयाँ
पूरी उत्पादन प्रक्रिया में न्यूनतम मानव हस्तक्षेप
HACCP आधारित फूड सेफ्टी सिस्टम
अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और शुद्ध उत्पाद पहुंचाना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
अमूल का सहकारी मॉडल ‘ऑपरेशन फ्लड’ की सफलता का आधार रहा है, जिसने भारत को विश्व के अग्रणी दुग्ध उत्पादक देशों में स्थापित किया।
किसानों को प्रतिदिन भुगतान

महिलाओं की बड़ी भागीदारी
पशुपालन, चारे और पशु-चिकित्सा सेवाओं में सहयोग
लाखों परिवारों के लिए स्थायी आय का स्रोत
अमूल अधिकारियों ने बताया कि संस्था का वार्षिक कारोबार 70,000 करोड़ रुपये से अधिक के स्तर को पार कर चुका है, जो सहकारी मॉडल की आर्थिक सफलता को दर्शाता है।

दौरे के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने डेयरी प्रबंधन से संवाद कर उत्पादन, निर्यात, बाजार विस्तार और डिजिटल नवाचारों पर प्रश्न पूछे। अधिकारियों ने बताया कि अमूल उत्पाद आज देश के साथ-साथ 50 से अधिक देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।
यह औद्योगिक दौरा भारत के डेयरी क्षेत्र की प्रगति, तकनीकी दक्षता और सहकारी व्यवस्था की मजबूती को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अमूल का मॉडल न केवल किसानों को सशक्त बना रहा है, बल्कि “श्वेत क्रांति” की भावना को आगे बढ़ाते हुए आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार कर रहा

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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