रमेश गोयत
वडोदरा/चंडीगढ़: देश की अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी Indian Oil Corporation Limited (आईओसीएल) के गुजरात रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स, डुमाड (वडोदरा) स्थित ब्यूटाइल एक्रिलेट (बीए) प्लांट ने पूर्ण उत्पादन क्षमता के साथ संचालन शुरू कर दिया है। जुलाई 2025 में कमीशनिंग के बाद यह अत्याधुनिक संयंत्र 24×7 लगातार उत्पादन कर रहा है और देश के विभिन्न उद्योगों को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
यह उपलब्धि विशेष रसायन (स्पेशलिटी केमिकल) क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
150 किलो टन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता
इस आधुनिक प्लांट की स्थापित उत्पादन क्षमता 150 किलो टन प्रति वर्ष (KTA) है। उत्पादन प्रक्रिया जापान की अग्रणी रासायनिक कंपनी Mitsubishi Chemical Corporation की प्रमाणित एवं उन्नत तकनीक पर आधारित है।
अधिकारियों के अनुसार, यह संयंत्र उच्च गुणवत्ता वाले ब्यूटाइल एक्रिलेट के उत्पादन में सक्षम है, जिससे घरेलू उद्योगों को विश्वस्तरीय कच्चा माल उपलब्ध हो रहा है।
क्या है ब्यूटाइल एक्रिलेट और कैसे होता है उत्पादन?
ब्यूटाइल एक्रिलेट एक महत्वपूर्ण मोनोमर रसायन है, जिसका उपयोग विभिन्न औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
उत्पादन प्रक्रिया की प्रमुख विशेषताएं:
कच्चा माल: एक्रिलिक एसिड एवं एन-ब्यूटेनॉल
मुख्य उत्पाद: ब्यूटाइल एक्रिलेट (रासायनिक सूत्र C₇H₁₂O₂)
सह-उत्पाद: लगभग 3 किलो टन प्रतिवर्ष आइसो-ब्यूटेनॉल
प्रक्रिया: एस्टरीफिकेशन पद्धति
यह रासायनिक प्रक्रिया उच्च शुद्धता और स्थिर गुणवत्ता वाले उत्पाद के निर्माण में सहायक है।
पूरी तरह स्वचालित एवं डिजिटल नियंत्रण प्रणाली
प्लांट को अत्याधुनिक और पूर्णतः स्वचालित (फुली ऑटोमेटिक) तकनीक से सुसज्जित किया गया है।
डिजिटल कंट्रोल सिस्टम
रियल-टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था
केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष
उच्च दक्षता वाली जापानी मशीनरी
इन तकनीकों के माध्यम से उत्पादन प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की जाती है, जिससे गुणवत्ता में एकरूपता और संचालन में पारदर्शिता बनी रहती है।
सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रबंधन के अनुसार, संयंत्र में सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों के पालन में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है।
प्रमुख सुरक्षा उपाय:
अत्याधुनिक फायर एवं गैस डिटेक्शन सिस्टम
आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र
अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा मानकों का अनुपालन
पर्यावरणीय पहल:
प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थापना
कार्बन उत्सर्जन में कमी के प्रयास
अपशिष्ट प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था
ऊर्जा दक्षता में सुधार
प्लांट को औद्योगिक विकास और पर्यावरण संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
किन उद्योगों को होगा सीधा लाभ?
ब्यूटाइल एक्रिलेट का उपयोग कई प्रमुख उद्योगों में किया जाता है—
पेंट एवं कोटिंग उद्योग
चिपकने वाले पदार्थ (एडहेसिव)
सीलेंट्स
लेदर उद्योग
वस्त्र (टेक्सटाइल) उद्योग
पेपर एवं पल्प उद्योग
आईओसीएल की मार्केटिंग इकाई के माध्यम से उत्पाद देश की अग्रणी पेंट कंपनियों— Asian Paints और Berger Paints — को आपूर्ति किया जा रहा है। इससे आयात पर निर्भरता घटेगी और घरेलू उद्योगों को उच्च गुणवत्ता का कच्चा माल उपलब्ध होगा।

पीआईबी मीडिया दौरा : ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक क्षमता का प्रत्यक्ष अवलोकन
इस उपलब्धि के साथ ही Press Information Bureau (पीआईबी) द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों के लिए आईओसीएल की गुजरात रिफाइनरी का विशेष दौरा आयोजित किया गया। गुजरात के वडोदरा जिले के कोयली क्षेत्र में स्थित यह रिफाइनरी देश की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मीडिया टूर के दौरान अधिकारियों ने कच्चे तेल के शोधन से लेकर पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, लुब्रिकेंट्स तथा अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के निर्माण की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिनिधियों को उत्पादन क्षमता वृद्धि, ऊर्जा दक्षता सुधार और विस्तार योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।
ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास में योगदान
अधिकारियों ने बताया कि रिफाइनरी की विस्तार योजनाएं देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में सहायक होंगी और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाएंगी।
गुजरात रिफाइनरी न केवल औद्योगिक उत्पादन में अग्रणी है, बल्कि वडोदरा क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन
सहायक उद्योगों और परिवहन क्षेत्र को बढ़ावा
क्षेत्रीय व्यापार एवं औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सशक्त पहल
गुजरात रिफाइनरी में स्थापित ब्यूटाइल एक्रिलेट प्लांट विशेष रसायन क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को नई मजबूती प्रदान कर रहा है। पेट्रोकेमिकल वैल्यू-चेन में यह विस्तार आईओसीएल की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ देश के रासायनिक उद्योग को भी नई दिशा दे रहा है।
ऊर्जा उत्पादन, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय संतुलन के समन्वय के साथ यह परियोजना भारत की औद्योगिक प्रगति का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है।











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