संसद में पंजाब के बाढ़ संकट का मुद्दा उठाया, स्थायी समाधान के लिए उच्च स्तरीय एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग
नई दिल्ली / चंडीगढ़। पंजाब में लगातार बढ़ते बाढ़ संकट को लेकर राज्यसभा सांसद Satnam Singh Sandhu ने संसद में गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि भारी मात्रा में गाद (सिल्ट) जमा होने के कारण राज्य के प्रमुख बांधों की जल भंडारण क्षमता में बड़ी गिरावट आई है, जिससे भविष्य में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
सांसद संधू ने संसद के बजट सत्र के दौरान शून्य काल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि जलाशयों की समय पर डीसिल्टिंग नहीं की गई तो सामान्य से मध्यम वर्षा भी बाढ़ का कारण बन सकती है।
डैम की क्षमता में आई बड़ी गिरावट
संधू ने कहा कि देश के प्रमुख जलाशयों में से एक Bhakra Dam की कुल जल भंडारण क्षमता 9.27 बिलियन क्यूबिक मीटर है, लेकिन वर्षों से जमा गाद के कारण इसकी क्षमता लगभग 26 प्रतिशत तक घट चुकी है।
इसी प्रकार Pong Dam में भी अत्यधिक गाद जमा होने के कारण इसकी जल भंडारण क्षमता में करीब 14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि Gobind Sagar Lake में कई स्थानों पर 100 से 200 फीट तक गाद जमा हो चुकी है, जिससे जलाशयों की पानी रोकने की क्षमता लगातार घट रही है।
पंजाब में बाढ़ बना स्थायी संकट
संधू ने कहा कि पंजाब में बाढ़ अब केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि एक प्रणालीगत विफलता और वार्षिक त्रासदी बनती जा रही है।
उन्होंने बताया कि आज़ादी के बाद से पंजाब 10 से अधिक बड़ी बाढ़ों का सामना कर चुका है। हाल के वर्षों में स्थिति और गंभीर हुई है।
2023 की बाढ़ में 50 लोगों की मौत हुई
2025 की बाढ़ में 37 से अधिक लोगों की जान गई
लगभग 4 लाख लोग सीधे प्रभावित हुए और हजारों लोग बेघर हो गए
कृषि और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
सांसद के अनुसार बाढ़ के कारण पंजाब की 3 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को नुकसान हुआ। इसके अलावा
3 लाख से अधिक पशुधन प्रभावित
6 लाख से अधिक पोल्ट्री पक्षियों का नुकसान
सड़कों, अस्पतालों और स्कूलों जैसी सामुदायिक सुविधाएं भी प्रभावित हुईं।
बाढ़ के कारणों पर जताई चिंता
संधू ने कहा कि बाढ़ के पीछे कई गंभीर कारण हैं, जिनमें
बांधों में बढ़ती गाद
डैम की घटती जल भंडारण क्षमता
अवैध खनन
प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण
नदियों की बनावट और मार्ग में बदलाव
राज्यों के बीच समन्वय की कमी
एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग
संधू ने केंद्र सरकार से मांग की कि पंजाब में बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। यह समिति राज्य में बाढ़ प्रबंधन के लिए एक वैज्ञानिक रोडमैप तैयार करे और नदियों तथा जलाशयों से समय पर गाद निकालने, तटबंधों को मजबूत करने तथा अंतर-राज्यीय समन्वय के लिए कानूनी तंत्र विकसित करे।
केंद्र सरकार और राहत एजेंसियों का जताया आभार
संधू ने बाढ़ के दौरान राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 1,600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की।
उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में जुटी एजेंसियों National Disaster Response Force (NDRF), State Disaster Response Force (SDRF), सेना और एयरफोर्स की भी सराहना की, जिन्होंने जोखिम उठाकर 20,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।










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