चंडीगढ़/धर्म डेस्क, 11 मार्च। आज बुधवार, 11 मार्च 2026 को चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस तिथि पर भगवान शिव के उग्र स्वरूप काल भैरव का अधिकार माना जाता है, जिन्हें समय का देवता भी कहा जाता है। आज शीतला अष्टमी और कालाष्टमी भी मनाई जा रही है। ज्योतिष के अनुसार यह तिथि सामान्य शुभ कार्यों, नई शुरुआत, महत्वपूर्ण बातचीत या मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती।
पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में और ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेंगे। ज्येष्ठा नक्षत्र को परंपरागत रूप से शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। हालांकि युद्ध संबंधी रणनीति बनाने, विवाद या तर्क की तैयारी और तांत्रिक साधना जैसे कार्यों के लिए इसे अनुकूल माना गया है।
11 मार्च 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: चैत्र
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: अष्टमी
दिन: बुधवार
योग: वज्र
नक्षत्र: ज्येष्ठा
करण: बलव
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्योदय–सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 06:36 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:27 बजे
चंद्रोदय: देर रात 01:54 बजे (12 मार्च)
चंद्रास्त: सुबह 11:07 बजे
आज का राहुकाल और यमगंड
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार आज 12:31 बजे से 2:00 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस समय किसी भी प्रकार के शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
राहुकाल: 12:31 से 14:00 बजे
यमगंड: 08:05 से 09:34 बजे
धार्मिक मान्यता के अनुसार राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् जैसे समय में शुभ कार्य करने से परहेज करना चाहिए। वहीं कालाष्टमी के अवसर पर कई श्रद्धालु भगवान काल भैरव की पूजा और व्रत भी रखते हैं।











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