ईरान–इज़राइल संघर्ष के बीच चंडीगढ़ प्रशासन सतर्क, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा
पंचकूला/चंडीगढ़/मोहाली। ट्राइसिटी यानी चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। शहर और आसपास के कई इलाकों से गैस सिलेंडर की कमी और डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने समय पर सिलेंडर की बुकिंग करवा दी है, लेकिन उन्हें निर्धारित समय पर डिलीवरी नहीं मिल पा रही है।
स्थिति यह है कि कई लोग सीधे खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। इससे एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि गैस एजेंसियों का कहना है कि सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है, बल्कि अचानक बढ़ी मांग के कारण अस्थायी दबाव की स्थिति बन गई है।
पैनिक बुकिंग से अचानक बढ़ी मांग
गैस सिलेंडरों की मांग बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण लोगों में फैली अनिश्चितता और पैनिक बुकिंग को माना जा रहा है। मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते संघर्ष और उसमें संयुक्त राज्य अमेरिका की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा है। इस वजह से आम लोगों में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई है।
इसी कारण कई लोग जरूरत से पहले ही गैस सिलेंडर बुक करवा रहे हैं। कई परिवारों ने घर में एक सिलेंडर होने के बावजूद दूसरा सिलेंडर पहले ही बुक करा लिया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस पैनिक बुकिंग के कारण गैस एजेंसियों पर अचानक सिलेंडरों की मांग बढ़ गई है, जिससे डिलीवरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
समय पर नहीं मिल रही डिलीवरी
ट्राइसिटी के कई इलाकों में उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले गैस सिलेंडर की बुकिंग के 12 से 15 दिनों के भीतर डिलीवरी हो जाती थी, लेकिन अब कई जगहों पर 20 से 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
पंचकूला और चंडीगढ़ के कई सेक्टरों के निवासियों का कहना है कि उन्होंने लगभग तीन सप्ताह पहले सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन अभी तक डिलीवरी नहीं हुई। कुछ लोग एजेंसियों के चक्कर लगाकर जानकारी ले रहे हैं, जबकि कई लोग सीधे एजेंसी से सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।
होटल और ढाबा कारोबार भी प्रभावित
एलपीजी गैस की सप्लाई में देरी का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक ही सीमित नहीं है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की चिंता भी बढ़ गई है।
ट्राइसिटी में बड़ी संख्या में होटल, ढाबे और फूड स्टॉल संचालित होते हैं, जिनका पूरा काम गैस सिलेंडर पर निर्भर करता है। कई छोटे रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि फिलहाल वे सीमित सिलेंडरों के सहारे काम चला रहे हैं। यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कारोबार प्रभावित हो सकता है।
विशेष रूप से छोटे ढाबा संचालक और स्ट्रीट फूड विक्रेता इस स्थिति से ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि उनके पास अतिरिक्त सिलेंडर रखने की सुविधा नहीं होती। ऐसे में सिलेंडर खत्म होते ही उनका काम रुकने की स्थिति में आ जाता है।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
इधर मध्य पूर्व में चल रहे ईरान–इज़राइल संघर्ष के मद्देनज़र चंडीगढ़ प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए शहर में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रशासक को बताया कि फिलहाल शहर में तेल, ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
युद्ध प्रभावित देशों में फंसे लोगों की जानकारी मांगी
बैठक में यह भी बताया गया कि उपायुक्त कार्यालय की ओर से एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। इसमें अपील की गई है कि यदि चंडीगढ़ का कोई निवासी वर्तमान में युद्ध प्रभावित देशों में फंसा हुआ है तो उसके परिजन या परिचित तुरंत प्रशासन को इसकी जानकारी दें।
प्रशासन ने बताया कि संबंधित जानकारी व्यक्तिगत रूप से उपायुक्त कार्यालय में या ईमेल dc-chd@nic.in के माध्यम से भेजी जा सकती है। इसमें संबंधित व्यक्ति का नाम, पासपोर्ट नंबर (यदि उपलब्ध हो), वर्तमान देश और शहर, संपर्क विवरण और चंडीगढ़ में रहने वाले परिजनों की जानकारी देना आवश्यक होगा।
इसका उद्देश्य यह है कि जरूरत पड़ने पर प्रशासन केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर फंसे हुए नागरिकों को सहायता उपलब्ध करा सके।
जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शहर में तेल, ईंधन और एलपीजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि फिलहाल शहर में किसी प्रकार की कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
प्रचलित अंतरराष्ट्रीय स्थिति का उल्लेख करते हुए प्रशासक ने कहा कि कुछ स्थानों पर एलपीजी गैस की संभावित कमी को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तेल, ईंधन या एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो शहर के विभिन्न इलाकों में निरीक्षण करेंगी और आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन और गैस एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक न करें। अधिकारियों का कहना है कि अगर लोग संयम बनाए रखें तो सप्लाई सिस्टम पर दबाव कम होगा और सभी उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंच सकेगी।
फिलहाल ट्राइसिटी में गैस की उपलब्धता को लेकर प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सप्लाई पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
पैनिक बुकिंग से बढ़ी गैस सिलेंडरों की मांग
ट्राइसिटी में एलपीजी गैस सिलेंडरों की बढ़ती मांग के पीछे सबसे बड़ा कारण लोगों में फैली अनिश्चितता और पैनिक बुकिंग को माना जा रहा है। मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर लोगों में यह आशंका पैदा हो गई है कि आने वाले समय में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
इसी वजह से कई परिवार जरूरत से पहले ही गैस सिलेंडर बुक करवा रहे हैं। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं जिनके घर में अभी एक सिलेंडर मौजूद है, लेकिन वे दूसरा सिलेंडर पहले ही बुक करा रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गैस एजेंसियों के अनुसार अचानक बढ़ी इस मांग के कारण डिलीवरी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। पहले जहां सिलेंडर की डिलीवरी लगभग 12 से 15 दिनों में हो जाती थी, वहीं अब कई जगहों पर उपभोक्ताओं को 20 से 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रशासन अलर्ट: ईरान–इज़राइल संघर्ष के बीच चंडीगढ़ में आवश्यक वस्तुओं की समीक्षा
मध्य पूर्व में चल रहे ईरान–इज़राइल संघर्ष के मद्देनज़र चंडीगढ़ प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के संभावित प्रभाव को देखते हुए शहर में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रशासक को बताया कि फिलहाल शहर में तेल, ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
प्रशासन की ओर से यह भी अपील की गई है कि यदि चंडीगढ़ का कोई निवासी युद्ध प्रभावित देशों में फंसा हुआ है, तो उसके परिजन तुरंत उपायुक्त कार्यालय को इसकी जानकारी दें। यह जानकारी व्यक्तिगत रूप से या ईमेल dc-chd@nic.in पर भेजी जा सकती है।
सूचना में संबंधित व्यक्ति का नाम, पासपोर्ट नंबर (यदि उपलब्ध हो), वर्तमान देश और शहर, संपर्क नंबर तथा चंडीगढ़ में रहने वाले परिजनों का विवरण देना आवश्यक होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रशासन केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर सहायता उपलब्ध करवा सके।
बैठक में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल शहर में किसी प्रकार की कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है।
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तेल, ईंधन और एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो शहर में निरीक्षण कर आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।
प्रशासन का दावा: पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता
पंचकूला जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक जतिन मित्तल ने बताया कि आम लोगों को पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल तथा गैस एजेंसियों पर एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को नजरअंदाज किया जाए और लोग केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर लें। अनावश्यक रूप से ईंधन या गैस सिलेंडरों का भंडारण न करें।
जिला प्रशासन के अनुसार कुछ लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाई जा रही है कि ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण तेल संकट पैदा हो सकता है, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है। जिले में पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है।
उन्होंने यह भी बताया कि सभी गैस कंपनियों के सेल्स अधिकारियों से संपर्क करने पर जानकारी मिली है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग में 21 से 25 दिन का लॉक सिस्टम लागू होने के कारण बुकिंग प्रक्रिया में देरी हो रही है। हालांकि गैस की सप्लाई में किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक घबराहट से बचें और जरूरत से अधिक गैस सिलेंडरों का भंडारण न करें।
हरियाणा सरकार का बयान: अफवाहों पर ध्यान न दें, गैस की सप्लाई सामान्य
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान, इज़राइल तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी संघर्ष की खबरों के चलते लोगों में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके कारण कई जगहों पर पैनिक जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं और लोग गैस एजेंसियों पर पहुंचकर सिलेंडर सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। इससे कई एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग गई हैं।
इसी बीच हरियाणा सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों और घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है। सरकार के अनुसार कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई में अस्थायी बाधा जरूर आई है, लेकिन अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध करवाई जा रही है।
राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे राज्य में कुकिंग गैस और ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की। बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की सप्लाई फिलहाल सामान्य है और कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 9 मार्च को आवश्यक निर्देश जारी किए थे, ताकि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में घरेलू एलपीजी की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके और इसकी उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में कुछ समय के लिए रुकावट आई है। फिलहाल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि तेल कंपनियां अन्य क्षेत्रों में भी सप्लाई को जल्द सामान्य करने का प्रयास कर रही हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे एलपीजी गैस को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से सिलेंडरों का भंडारण न करें। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता है और आम जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू सहित तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।











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