फरीदाबाद/चंडीगढ़। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV & ACB) फरीदाबाद की टीम ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के एक कर्मचारी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मुबारिक के रूप में हुई है, जो सेक्टर-55 स्थित बिजली निगम के उपमंडल कार्यालय में यूडीसी/सीए के पद पर कार्यरत था।
ब्यूरो की टीम ने शिकायत के आधार पर ट्रैप लगाकर आरोपी को रिश्वत लेते समय पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
गलत बिजली बिल ठीक कराने के नाम पर मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका एक मकान फरीदाबाद के सेक्टर-56 में उसकी पत्नी के नाम पर है। उस मकान का बिजली बिल गलती से करीब 2 लाख 72 हजार रुपये आ गया था। जब वह बिल ठीक करवाने के लिए सेक्टर-55 स्थित बिजली कार्यालय गया तो वहां सीए शाखा में तैनात मुबारिक से उसकी मुलाकात हुई।
आरोप है कि कर्मचारी ने कहा कि वह बिल में लगभग 72 हजार रुपये की कटौती करवा सकता है, लेकिन इसके लिए 25 हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने 6 मार्च 2026 को 10 हजार रुपये पहले ही ले लिए थे और बाकी रकम मिलने के बाद फाइल आगे बढ़ाने की बात कही थी।
ट्रैप के दौरान रंगे हाथों गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने योजना बनाकर 11 मार्च 2026 को ट्रैप कार्रवाई की। टीम ने आरोपी को एक साइबर कैफे के बाहर शिकायतकर्ता की कार में बैठकर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
बैग से मिली संदिग्ध नकदी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी की निशानदेही पर उसके बैग से पहले ली गई 10 हजार रुपये की रकम भी बरामद कर ली गई। इसके अलावा बैग से 1 लाख 5 हजार रुपये की अन्य संदिग्ध नकदी भी मिली है, जिसके बारे में उससे पूछताछ की जा रही है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार मामले की गहन जांच जारी है और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।










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