August 30, 2026 5:42 am

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पंजाब में 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत: 5.07 लाख मामलों का निपटारा, 761 करोड़ रुपये के अवार्ड पास

465 लोक अदालत बेंचों में सुनवाई; 17 साल पुराना भूमि विवाद भी सुलझा, कई वैवाहिक मामले आपसी सहमति से खत्म
चंडीगढ़: पंजाब भर में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा किया गया। यह लोक अदालत पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण द्वारा आयोजित की गई, जो National Legal Services Authority की पहल के तहत आयोजित हुई।
यह कार्यक्रम Sheel Nagu के संरक्षण में तथा पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष Ashwani Kumar Mishra के नेतृत्व में पूरे राज्य में आयोजित किया गया।
465 बेंचों में 5.69 लाख मामलों की सुनवाई
राज्य के सभी जिलों और उप-मंडलों में कुल 465 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों के समक्ष 5,69,425 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 5,07,372 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कर दिया गया।
इन मामलों में 761 करोड़ रुपये से अधिक के अवार्ड भी पास किए गए। लोक अदालत के माध्यम से सिविल, वैवाहिक, संपत्ति, मोटर दुर्घटना दावों, बैंकिंग, बीमा तथा अन्य कई प्रकार के मामलों का समाधान किया गया।
लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को कम खर्च, कम समय और आपसी सहमति से न्याय दिलाना है, जिससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है और विवादों का मैत्रीपूर्ण समाधान संभव हो पाता है।
बरनाला में 17 साल पुराना भूमि विवाद सुलझा
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण बरनाला ने एक 17 वर्ष पुराने भूमि विभाजन से जुड़े सिविल मामले का भी सफलतापूर्वक निपटारा कराया।
यह मामला वर्ष 2009 में 45 हजार रुपये की रिकवरी को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें सुखदेव सिंह और करनैल सिंह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। लोक अदालत की पहल और प्रयासों से दोनों पक्षों में सहमति बन गई और वर्षों से चल रहा मुकदमा समाप्त हो गया।
वैवाहिक विवादों में भी हुआ समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कई पारिवारिक और वैवाहिक विवादों का भी समाधान कराया गया।
श्री मुक्तसर साहिब में जसवीर कौर और गुरशरण सिंह के बीच गुजारा भत्ते का मामला सुलझा लिया गया और महिला को उसके वैवाहिक घर में पुनः बसाया गया।
एसएएस नगर (मोहाली) में मीनू बिष्ट और आशीष बिष्ट के बीच छह वर्षों से चल रहा वैवाहिक विवाद समाप्त हो गया।
इसी तरह सौरभ उप्पल और स्मृति उप्पल के बीच नाबालिग बच्चे की कस्टडी से जुड़ा विवाद भी समझौते के जरिए खत्म हुआ और दोनों पक्षों ने साथ रहने का फैसला किया।
न्याय तक आसान पहुंच का माध्यम
पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने कहा कि लोक अदालतें लोगों को जल्द, सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।
उन्होंने राज्य भर के न्यायिक अधिकारियों, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरणों, वकीलों, पुलिस अधिकारियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की, जिनके सहयोग से यह मेगा कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि लोक अदालतों में लोगों की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि आम जनता का इस व्यवस्था पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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