एसीबी की जांच में 250 करोड़ से अधिक के लेन-देन का खुलासा, कैश कन्वर्जन के आरोप
चंडीगढ़: आईडीएफसी बैंक घोटाले की जांच में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को बड़ी सफलता मिली है। एसीबी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 14 मार्च को सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटोदिया को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि करीब ढाई सौ करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि सावन ज्वेलर्स के माध्यम से विभिन्न कंपनियों और फर्मों से प्राप्त की गई थी, जो कथित रूप से सरकारी खातों से गैरकानूनी तरीके से ट्रांसफर की गई थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरे घोटाले में कई लोगों की भूमिका सामने आई है, जिनमें रिभव ऋषि, अभय कुमार, अभिषेक सिंगला, स्वाति सिंगला सहित अन्य आरोपी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ पहले से ही जांच चल रही है और इस मामले में यह अब तक की 12वीं गिरफ्तारी बताई जा रही है।
कैश कन्वर्जन के जरिए घोटाले को अंजाम
प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटोदिया ने मुख्य आरोपियों के लिए कैश कन्वर्जन का काम किया। आरोप है कि उन्होंने बड़ी रकम को वैध दिखाने के लिए सोने के आभूषणों की फर्जी बिक्री के बिल तैयार किए।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने इन कंपनियों और फर्मों के नाम पर सोने के आभूषणों की बिक्री दर्शाकर अवैध धन को वैध बनाने की कोशिश की। इसके बदले में उसने भारी कमीशन भी प्राप्त किया। एसीबी के अनुसार आरोपी ने इस पूरे घोटाले की शुरुआत से ही षड्यंत्र रचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूर्व योजना के तहत अपराध को अंजाम देने में सक्रिय सहयोग दिया।
इन कंपनियों से आया संदिग्ध पैसा
एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि सावन ज्वेलर्स को Cap Co Fintech Services, SRR Planning Gurus Pvt. Ltd. और Swastik Desh Project जैसी कंपनियों और फर्मों से बड़ी मात्रा में पैसा प्राप्त हुआ।
एसीबी का कहना है कि इन कंपनियों के खातों में सरकारी खातों से अवैध तरीके से धन ट्रांसफर किया गया और बाद में उसे विभिन्न माध्यमों से घुमाया गया। इस पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धन को वैध बनाने के लिए किया गया।
आरोपी को कोर्ट में पेश कर लिया जाएगा पुलिस रिमांड
गिरफ्तार आरोपी राजन कटोदिया को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। एसीबी की टीम आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि रिमांड के दौरान घोटाले से जुड़े पूरे नेटवर्क, फर्जी कंपनियों और अन्य संदिग्ध लेन-देन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों, आपसी संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
घोटाले के और बड़े खुलासे की संभावना
एसीबी अधिकारियों के अनुसार इस मामले में जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसी हर आरोपी की गतिविधियों, बैंक खातों और उनके संपर्कों की बारीकी से पड़ताल कर रही है ताकि पूरे घोटाले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सामने आने के बाद सरकारी खातों से धन के ट्रांसफर और निजी कंपनियों के जरिए उसके इस्तेमाल को लेकर भी कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।











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