श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रविवार सुबह श्रीनगर का न्यूनतम तापमान माइनस 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि शनिवार रात शहर का तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और 6 जनवरी तक ऐसा ही मौसम बने रहने की उम्मीद है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का प्रकोप और भी ज्यादा है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में लगातार दूसरी रात तापमान गिरकर माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो घाटी में सबसे कम दर्ज किया गया तापमान है। वहीं दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में न्यूनतम तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में पारा माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
इस समय कश्मीर घाटी में 40 दिनों की सबसे कड़ी सर्दी का दौर ‘चिल्लई कलां’ चल रहा है। इस दौरान रात का तापमान अक्सर फ्रीजिंग प्वाइंट से नीचे चला जाता है और आमतौर पर भारी बर्फबारी भी देखने को मिलती है। हालांकि इस बार घाटी के मैदानी इलाकों में अब तक बर्फबारी नहीं हुई है, जिससे खासकर किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर बर्फबारी न होने से सेब समेत अन्य फसलों और जल स्रोतों पर असर पड़ सकता है।

वहीं जम्मू संभाग के डोडा जिले के ऊपरी इलाकों में राहत की खबर है। यहां रात भर ताजा बर्फबारी हुई है, जिससे लंबे समय से चले आ रहे सूखे हालात में कुछ सुधार हुआ है। बर्फबारी से क्षेत्र में ठंड और बढ़ गई है, लेकिन इससे जलस्तर बढ़ने और कृषि के लिए बेहतर परिस्थितियां बनने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
मौसम विभाग ने लोगों को कड़ाके की ठंड को देखते हुए सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और पर्याप्त गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।











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