बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़/पंचकूला: हरियाणा में सामने आए बहुचर्चित IDFC बैंक घोटाले में अब जांच तेज हो गई है। करीब 550 से 590 करोड़ रुपये के इस बड़े वित्तीय घोटाले की जांच अब Central Bureau of Investigation (CBI) कर रही है। केंद्र सरकार के आदेश के बाद CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
CBI ने दिल्ली में केस दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली
हरियाणा सरकार ने 2 IAS अधिकारियों को सस्पेंड किया
कई अधिकारियों के तबादले और प्रशासनिक फेरबदल
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 90 से ज्यादा खाते फ्रीज किए
कई संदिग्ध कंपनियों और खातों की जांच जारी
क्या है पूरा मामला?
जांच में सामने आया कि हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के बैंक खातों से भारी रकम संदिग्ध तरीके से ट्रांसफर की गई।
यह खाते मुख्य रूप से:
IDFC First Bank
AU Small Finance Bank
में संचालित थे।
जांच में पता चला कि बिना अनुमति के करोड़ों रुपये अलग-अलग खातों में भेजे गए और रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं।
जांच में बड़े खुलासे
दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के अनुसार:
फर्जी चेक और नकली हस्ताक्षर के जरिए भुगतान किए गए
डेबिट नोट और बैंक रिकॉर्ड में भारी विसंगतियां
कई ट्रांजेक्शन बिना सरकारी मंजूरी के हुए
चेक में राशि अंकों और शब्दों में अलग-अलग लिखी गई
बैंक स्टेटमेंट में भी गड़बड़ी और भ्रामक जानकारी
जांच कमेटी ने पाया कि विभाग आमतौर पर चेक का इस्तेमाल नहीं करता, फिर भी चेक के जरिए भुगतान दिखाए गए।
शेल कंपनियों के जरिए फंड डायवर्ट
जांच में सामने आया कि सरकारी पैसा कई निजी और संदिग्ध कंपनियों में भेजा गया, जिनमें शामिल हैं:
Swastik Desh Project
SRR Planning Gurus Pvt. Ltd.
Cap Co Fintech Services
R.S. Traders
इन कंपनियों के जरिए पैसा घुमाकर निवेश किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
कौन-कौन जांच के घेरे में?
बैंक अधिकारी
सरकारी विभागों के कर्मचारी
निजी कंपनियों के संचालक
बिचौलिये
FIR में फिलहाल अज्ञात अधिकारी और निजी व्यक्ति आरोपी बनाए गए हैं, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
कैसे पहुंचा मामला CBI तक?
23 फरवरी 2026 को पंचकूला में पहली FIR दर्ज हुई
विजिलेंस और ACB की जांच में बड़े खुलासे हुए
8 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार ने CBI को जांच सौंपने का आदेश दिया
अब CBI की विशेष टीम पूरे मामले की जांच कर रही है
पैसे का क्या हुआ?
शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के गबन की पुष्टि
कुछ राशि वापस होने का दावा, लेकिन पूरी रकम का हिसाब बाकी
कई खातों और ट्रांजेक्शन की जांच जारी
आगे क्या होगा?
सभी बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की फॉरेंसिक जांच
शेल कंपनियों की भूमिका की जांच
संबंधित अधिकारियों से पूछताछ
आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों की संभावना
550–590 करोड़ रुपये का यह घोटाला हरियाणा के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में शामिल हो गया है।
शुरुआती जांच में यह साफ हो चुका है कि यह सिर्फ बैंक फ्रॉड नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम, बैंकिंग नेटवर्क और निजी कंपनियों की मिलीभगत का संगठित मामला है।
अब सबकी नजर CBI जांच पर है, जिससे इस पूरे घोटाले के पीछे के असली चेहरों का खुलासा होने की उम्मीद है।












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