2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य हासिल करने में युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम: हरविंद्र कल्याण
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 10 अप्रैल। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के भारत क्षेत्र के जोन-7 (वेस्ट जोन) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है।
यह सम्मेलन 8 से 10 अप्रैल तक पणजी में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के जनप्रतिनिधियों और संसदीय हस्तियों ने भाग लिया।
युवा विधायकों की भूमिका पर दिया व्याख्यान
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने ‘2047 तक विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर ओम बिरला, पुसापति अशोक गजपति राजू और डॉ. गणेश चंद्रु गाओंकर सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
लोकतंत्र को मजबूत करने का मंच
कल्याण ने कहा कि सीपीए का यह सम्मेलन लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा संसदीय परंपराओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
‘विकसित भारत @ 2047’ विजन पर जोर
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @ 2047’ विजन को साकार करने में युवा नेताओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक मूलभूत तरीका है।
युवाओं को निभानी होगी सक्रिय भूमिका
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल सदन और समितियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें विचार, व्यवहार और नेतृत्व के स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त वाहक बनना होगा।
उन्होंने ‘अमृत काल’ के इस दौर में नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष और बलिदान को समझने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब लोकतंत्र अधिक जागरूक, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनेगा।












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