बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 18 अप्रेल 2026। पंचकूला में सीनियर सिटीजन काउंसिल द्वारा इस वर्ष भी बैसाखी का त्यौहार बड़े उत्साह, उमंग और पारंपरिक रंग-रूप के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों की सक्रियता और ऊर्जा का भी सुंदर उदाहरण पेश करता है।
काउंसिल के प्रधान अशोक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भव्य आयोजन में लगभग 225 सदस्यों ने भाग लिया, जो अब तक का एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि बैसाखी का पर्व पंजाब की समृद्ध विरासत, कृषि संस्कृति और खुशहाली का प्रतीक है, जिसे हर वर्ष पूरे जोश के साथ मनाया जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से भारत माता और सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलन से की गई। इस पावन क्षण ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम का मंच संचालन जनरल सेक्रेटरी ए. सी. महत्ता और सेक्रेटरी एच. सी. गेरा द्वारा बेहद प्रभावशाली तरीके से किया गया, जिसकी सभी उपस्थित सदस्यों ने सराहना की। मंच संचालन में उनकी सहजता और संवाद शैली ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।
इस अवसर पर उप-प्रधान शाम लाल मित्तल और वित्त सचिव जयपाल गर्ग विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं पूर्व प्रधान आर. पी. मल्होत्रा और एन. के. शर्मा को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
बैसाखी जैसे पर्व पर भांगड़ा न हो, यह संभव ही नहीं है। इसी भावना के साथ भांगड़ा टीम ने जबरदस्त प्रस्तुति दी। टीम में एच. सी. गेरा, विजय सचदेवा, बी. के. धवन और सुनील मिनोचा शामिल रहे। उन्होंने पारंपरिक पंजाबी गीतों जैसे “जवान गबरू, फते दे शौकीन…” और “मेलिया विच घूमदे…” पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरे सभागार में तालियों की गूंज लगातार सुनाई देती रही।
कार्यक्रम में रेखा साहनी, मोहिनी सचदेवा और आभा साहनी द्वारा प्रस्तुत नृत्य भी बेहद मनमोहक रहा। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया और सभी ने उनकी कला की सराहना की।

इसके अलावा नीरू मित्तल, कमलेश गेरा, नीलम धवन, अनिता मेंहदीरत्ता, संतोष गर्ग और निर्मल कालिया ने बैसाखी गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में जोश और उत्साह भर दिया। उनके गायन ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
गुलशन गिरधर की टीम ने ग्रुप सॉन्ग और भांगड़ा आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति से कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया। वहीं रेणु अब्बी की टीम द्वारा प्रस्तुत एक्शन सॉन्ग ने दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया और सभी ने उनकी अनोखी प्रस्तुति की खूब सराहना की।
कार्यक्रम में हास्य और मनोरंजन का भी विशेष ध्यान रखा गया। काउंसिल के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिकाओं और कॉमेडी एक्ट ने सभी को खूब हंसाया और माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया।

कुल मिलाकर यह पूरा आयोजन वरिष्ठ नागरिकों की प्रतिभा, ऊर्जा और सांस्कृतिक जुड़ाव का अद्भुत उदाहरण रहा। सभी कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है, प्रतिभा और उत्साह कभी कम नहीं होता।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया, जिससे पूरे वातावरण में देशभक्ति की भावना और भी प्रबल हो गई। अंत में उप-प्रधान शाम लाल मित्तल ने सभी उपस्थित सदस्यों, कलाकारों और अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।
यह बैसाखी उत्सव न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था, बल्कि यह वरिष्ठ नागरिकों के बीच आपसी प्रेम, सहयोग और सामाजिक जुड़ाव का एक सुंदर उदाहरण भी बन गया।










Total Users : 299362
Total views : 505016