VC ऑफिस गेट तोड़ने की कोशिश, पुलिस से अभद्रता और काफिले की तेज रफ्तार पर उठा बवाल
बाबूगिरी ब्यूरो
हिसार, 19 अप्रैल 2026। हरियाणा के हिसार में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) नेताओं के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। जेजेपी नेताओं और समर्थकों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज मामलों के बाद अब यह मामला और गरमा गया है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम पर अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें वीसी कार्यालय का गेट तोड़ने की कोशिश, पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्रता, सरकारी कार्य में बाधा, और दुष्यंत चौटाला के काफिले की पायलट गाड़ी द्वारा खतरनाक तरीके से ओवरटेक करना शामिल है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हिसार पुलिस ने जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी है। पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी की है, जिसमें दुष्यंत चौटाला के काफिले में शामिल पायलट गाड़ी पुलिस की बोलेरो को तेज रफ्तार में ओवरटेक करती दिखाई दे रही है। इस फुटेज के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्मा गया है।
16 अप्रैल को वीसी ऑफिस पहुंचे थे दिग्विजय चौटाला
पुलिस के अनुसार 16 अप्रैल को जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला अपने समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय के वीसी (वाइस चांसलर) कार्यालय पहुंचे थे। वहां किसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शन के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और हालात नियंत्रण से बाहर जाने लगे।
डीएसपी कमलजीत ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने वीसी कार्यालय के मुख्य गेट को जबरन तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया गया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की।
घटना के बाद सिटी थाना हिसार में मामला दर्ज किया गया। इस केस में दिग्विजय चौटाला समेत आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि अब तक छह लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा चुकी है, जबकि जांच के दौरान कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
17 अप्रैल को सामूहिक गिरफ्तारी देने पहुंचे थे दुष्यंत और दिग्विजय
पुलिस के अनुसार 17 अप्रैल को दिग्विजय चौटाला और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला अपने समर्थकों के साथ सामूहिक गिरफ्तारी देने पहुंचे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे, जिससे क्षेत्र में भारी भीड़ और तनाव का माहौल बन गया।
इसी दौरान दुष्यंत चौटाला के काफिले में शामिल एक पायलट गाड़ी की गतिविधियों पर पुलिस ने गंभीर सवाल उठाए। पुलिस का आरोप है कि पायलट गाड़ी ने तेज रफ्तार में गलत तरीके से ओवरटेक किया, जिससे बड़ा सड़क हादसा होते-होते बचा।
हिसार पुलिस ने कहा कि संबंधित वाहन ने पुलिस की बोलेरो गाड़ी को बेहद जोखिमपूर्ण तरीके से ओवरटेक किया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक किया गया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि काफिले की गाड़ी पुलिस वाहन को तेजी से पार करती है।
एसआई राजकुमार के साथ धक्का-मुक्की का आरोप
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद एसआई राजकुमार के साथ अभद्रता की गई। उन्हें धक्का दिया गया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह कानून व्यवस्था को चुनौती देने जैसा मामला है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से दुष्यंत चौटाला की वाई प्लस सुरक्षा के बीच प्राइवेट पायलट गाड़ी के इस्तेमाल को लेकर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सुरक्षा श्रेणी में निजी पायलट वाहन का कोई प्रावधान नहीं होता।
“वाई प्लस सुरक्षा में प्राइवेट पायलट गाड़ी का प्रावधान नहीं”
हिसार पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि दुष्यंत चौटाला को मिली वाई प्लस सुरक्षा के तहत सरकारी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होता है। इसमें निजी पायलट गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं होती। ऐसे में काफिले में शामिल निजी पायलट वाहन सुरक्षा मानकों के खिलाफ माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह न केवल सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन है, बल्कि सड़क पर अन्य लोगों की जान को भी खतरे में डाल सकता है। इसी कारण इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है।
दोनों पक्षों की शिकायतों पर एसआईटी गठित
मामले ने राजनीतिक रंग लेने के बाद हिसार पुलिस ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी का गठन किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों—जेजेपी नेताओं और पुलिस प्रशासन—की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
एसआईटी अब सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद अधिकारियों के बयान, प्रदर्शनकारियों की भूमिका और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन जैसे सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
जेजेपी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
दूसरी ओर जेजेपी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में उठाया गया कदम बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को जानबूझकर हिंसक रूप दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।
हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। हिसार की यह घटना अब सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं रह गई, बल्कि यह राजनीतिक प्रतिष्ठा का मुद्दा बनती जा रही है।
आने वाले दिनों में एसआईटी की रिपोर्ट इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी। फिलहाल पुलिस और जेजेपी दोनों अपने-अपने दावों पर कायम हैं और प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है।










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