June 13, 2026 1:01 pm

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HARYANA NEWS: हरियाणा के सेवाभाव और आतिथ्य के मुरीद हुए मेहमान

सीपीए सम्मेलन में विधान सभा ने पेश की भव्य आयोजन और उत्कृष्ट मेजबानी की नई मिसाल
 
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने जताया आभार
 
कहा- सुव्यवस्था से ही सार्थक चर्चा का मंच बना सम्मेलन
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़ 
चंडीगढ़, 10 जून-हरियाणा विधान सभा की मेजबानी में 8-9 जून को आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए)  भारत क्षेत्र के जोन-II सम्मेलन ने भव्य आयोजन और उत्कृष्ट मेजबानी की नई मिसाल पेश की। इसके लिए विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सम्मेलन की गरिमा बढ़ाने के लिए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य सभा के उप-सभापति हरिवंश, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह को पत्र लिखकर विशेष रूप से आभार जताया है। विस अध्यक्ष ने सम्मेलन में भागीदार उत्तर क्षेत्र के पांचों राज्यों के साथ-साथ विभिन्न राज्य विधान मंडलों से आए पीठासीन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का भी आभार जताया। विस अध्यक्ष कल्याण ने कहा कि इन सभी प्रतिभागियों ने सार्थक चर्चा कर लोकतांत्रिक संवाद को मजबूती प्रदान की है। इस दौरान भविष्य की चुनौतियों पर गंभीर विमर्श करते हुए ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने के रास्ते तलाशे गए। वक्ताओं ने कहा कि इस सपने को साकार करने में जहां सदन के सदस्यों की अहम भूमिका है, वहीं इसके लिए समाज का जागरूक होना भी अति जरूरी है।

दो दिवसीय सम्मेलन में नॉर्थ जोन के पांचों राज्यों सहित 13 विधान मंडलों के पीठासीन तथा उप-पीठासीन अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें से लगभग 40 प्रतिभागियों ने निर्धारित विषय पर विचार रखे। उन्होंने हरियाणा के राज्य गीत की पंक्ति ‘अतिथि देवो भवः, यहां सेवा धर्म निभाणा’ का उल्लेख करते हुए राज्य की आतिथ्य परंपरा की विशेष रूप से प्रशंसा की।

विस अध्यक्ष ने कहा कि सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में हरियाणा विधान सभा का सदन ‘लघु भारत’ का स्वरूप प्रस्तुत करता नजर आया, जहां विभिन्न राज्यों और दलों के जनप्रतिनिधि एक साथ बैठे दिखाई दिए। इस व्यवस्था की प्रतिभागियों ने विशेष सराहना की।

सम्मेलन के समापन पर 4 लिखित संकल्प पारित किए गए, जबकि उत्कृष्ट मेजबानी और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के प्रति आभार का एक अलिखित प्रस्ताव भी ध्वनिमत से स्वीकार किया गया।

विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण बुधवार को मेहमानों को सादर विदा करने में व्यस्त रहे। उन्होंने प्रत्येक अतिथि का सहयोग करने के लिए जहां संपर्क अधिकारी तैनात किए थे, वहीं वे व्यक्तिगत रूप से हर किसी की चिंता करते रहे। विधान सभा अध्यक्ष ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह, प्रदेश सरकार, उसके सभी विभागों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार और विधान सभा के अधिकारियों, कर्मचारियों की दिनरात की मेहनत और लग्न से इस आयोजन को भव्य रूप दिया जा सका। विस अध्यक्ष ने मीडियाकर्मियों का भी विशेष रूप से आभार जताते हुए कहा कि समाचार माध्यमों ने रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए सम्मेलन के विमर्श को जनमानस तक पहुंचाया है। इसे समाज में संवैधानिक मूल्यों के लिए निष्ठा और प्रगाढ़ हुई है।

वॉल ऑफ मैमोरी बनी आकर्षण का केंद्र :

सम्मेलन के मुख्य सभागार पास ‘वॉल ऑफ मैमोरी’ स्थापित की गई। इस पर विभिन्न राज्यों के जन-प्रतिनिधियों ने इस आयोजन पर अपनी आगंतुक टिप्पणी अनूठे अंदाज में प्रस्तुत की। प्रतिभागियों ने इस मंच को सीखने की अद्भुत कवायद और लोकतांत्रिक मूल्यों की अतुलनीय व्याख्या बताया। उन्होंने अपनी टिप्पणी में इसे अच्छा प्रयास और महान अनुभव करार दिया। इसे भविष्य पर फलदायी चिंतन के लिए सुव्यवस्थित आयोजन भी बताया गया। यहां बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव सांझा किए।

संसदीय अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र :

सम्मेलन के पहले दिन लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘संसदीय अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र’ का उद्घाटन किया। इस केंद्र से विधायकों, समिति अध्यक्षों तथा उनके सदस्यों को तथ्यपरक शोध, विश्लेषण एवं संदर्भ सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। यह केंद्र विधायी एवं संसदीय कार्यों के प्रभावी संचालन में सहयोग प्रदान करेगा तथा उत्कृष्ट संसदीय और विधायी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे कार्य करेगा।

लोकतंत्र दीर्घा :
 
सम्मेलन के पहले दिन विधान परिसर में लोकतंत्र दीर्घा का भी उद्घाटन किया। यह दीर्घा का उद्देश्य नागरिकों, विशेष रूप से विद्यार्थियों एवं युवाओं को भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा विधायिका की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है। यह दीर्घा आगंतुकों को विधानसभा की भूमिका, विधायी प्रक्रिया तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के महत्व की जानकारी सरल एवं आकर्षक माध्यमों से प्रदान करती है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए ई-बस :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और ईंधन की खपत कम करने के आह्वान का पालन करते हुए सम्मेलन में आने वाले प्रतिनिधियों और अधिकारियों के आवागमन की कुछ मार्गों पर ई-बसों के माध्यम से व्यवस्था की गई। इस पहल से न केवल पेट्रोलियम पदार्थों की खपत में कमी आई, बल्कि बड़े वाहनों के सामूहिक उपयोग से परिवहन व्यय में भी उल्लेखनीय बचत हुई। सभी पीठासीन अधिकारियों, माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथियों ने इन बसों से सफर किया।

नाटक मंचन :

सोमवार को उद्घाटन सत्र के बाद सेक्टर-18 स्थित टैगोर थियेटर में संवैधानिक मूल्यों पर आधारित विशेष रंगमंचीय प्रस्तुति ‘संविधान के नायक’ नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक की विशेष स्क्रिप्ट तैयार करवाई गई थी। इसका उद्देश्य संविधान के आदर्शों, मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना रहा। रास कला मंच के कलाकारों ने यह प्रस्तुति दी। इस नाटक मंचन को दोनों राज्यों के राज्यपाल, लोक सभा अध्यक्ष, राज्य सभा उप-सभापति, मुख्यमंत्री, विधान सभा अध्यक्ष, मंत्रीगण, सदस्यगणों ने देखा।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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