August 30, 2026 8:04 am

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PANCHKULA NEWS: नगर निगम घोटाला: CBI ने पंचकूला के तत्कालीन आयुक्त रहे IAS अधिकारी आर.के. सिंह को किया गिरफ्तार

बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
पंचकूला, 18 जून। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नगर निगम पंचकूला के बैंक खाते से सरकारी धन के कथित गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन नगर निगम आयुक्त एवं आईएएस अधिकारी  राम कुमार सिंह (आर.के. सिंह) को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला नगर निगम पंचकूला के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा में रखे गए खाते से करोड़ों रुपये के गबन से जुड़ा है।
CBI की जांच में सामने आया है कि नगर निगम पंचकूला का बैंक खाता हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए खोला गया था। जांच एजेंसी के अनुसार खाता खोलने के दौरान दर्ज की गई जानकारियों को इस प्रकार भरा गया था कि बाद में किए जाने वाले फर्जी लेन-देन को छिपाया जा सके।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि तत्कालीन आयुक्त आर.के. सिंह ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) बनाने के नाम पर कई हस्ताक्षरित चेक बिचौलियों के माध्यम से बैंक अधिकारियों को सौंपे थे। इन चेकों के जरिए नगर निगम के खाते से रकम निकाली गई, लेकिन कोई एफडी नहीं बनाई गई। निकाली गई राशि को कथित तौर पर बैंक अधिकारियों द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया।

CBI के अनुसार यह गबन तत्कालीन आयुक्त और नगर निगम के वरिष्ठ लेखाकार (सीनियर अकाउंटेंट) विकास कौशिक की जानकारी और सक्रिय भागीदारी से किया गया। इस मामले में वरिष्ठ लेखाकार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में आर.के. सिंह की सक्रिय भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। CBI ने चंडीगढ़ और करनाल स्थित उनके आवासों पर भी तलाशी ली, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के अनुरोध पर CBI ने यह जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी। नगर निगम पंचकूला में लगभग 79.46 करोड़ रुपये के गबन का यह मामला सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा से जुड़े एक बड़े घोटाले का हिस्सा है। जांच के अनुसार हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी अथवा अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट्स के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में भेजे गए थे।

अब तक CBI इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन कर्मचारी, दो कंपनियां तथा छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।

CBI ने बताया कि उसने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL), चंडीगढ़ नगर निगम और CREST चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली हुई है। इन मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है तथा कई बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। CREST मामले में एक वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारी को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
CBI ने कहा है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग में शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाने और गबन की गई राशि का पूरा पता लगाने के लिए जांच जारी रहेगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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