ट्रायल के तौर पर शुरू हुई पहल, सफल होने पर अन्य क्षेत्रों में भी किया जाएगा विस्तार: डीसीपी सृष्टि गुप्ता
रमेश गोयत
पंचकूला, 18 जून। पंचकूला पुलिस ने कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक नई और अनूठी पहल शुरू की है। पारंपरिक वाहन आधारित गश्त और पैदल पेट्रोलिंग के साथ अब शहर में घुड़सवार पुलिस गश्त की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के साथ-साथ उन क्षेत्रों तक पुलिस की पहुंच बढ़ाना है, जहां सामान्य वाहन आसानी से नहीं पहुंच पाते।
इसी कड़ी में सेक्टर-21 पुलिस चौकी की टीम ने इंचार्ज दीदार सिंह के नेतृत्व में घोड़ों के माध्यम से क्षेत्र में पेट्रोलिंग की। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने सार्वजनिक स्थानों, गलियों, खुले क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में गश्त कर लोगों से संवाद भी स्थापित किया। घुड़सवार पुलिस को देखकर स्थानीय लोगों ने भी इस नई व्यवस्था की सराहना की और इसे सकारात्मक कदम बताया।

डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि यह पहल केवल एक वैकल्पिक गश्त प्रणाली नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक व्यवहारिक मॉडल है। उन्होंने कहा कि घुड़सवार पेट्रोलिंग से अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ईंधन की खपत में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही घुड़सवार पुलिस की मौजूदगी से क्षेत्र में पुलिस की दृश्यता बढ़ती है, जिससे आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है और असामाजिक तत्वों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है।
डीसीपी ने बताया कि फिलहाल इस व्यवस्था को ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है और इसके परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि यह मॉडल सफल और प्रभावी साबित होता है तो भविष्य में इसे शहर के अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने पर विचार किया जाएगा।
पंचकूला पुलिस की यह पहल आधुनिक पुलिसिंग और पारंपरिक संसाधनों के संतुलित उपयोग का उदाहरण मानी जा रही है, जो आने वाले समय में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।













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