सीएम नायब सिंह सैनी ने दिए निर्देश, लैब और सुविधाएं सुचारू रखने पर जोर
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 27 जून। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब नई तर्ज पर वर्टिकल भवनों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों की बिल्डिंग खस्ताहाल हो चुकी है, उन्हें गिराकर नई और आधुनिक इमारतें बनाई जाएं। नए भवन इस प्रकार तैयार किए जाएं कि कम जगह में अधिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और बची हुई जमीन का उपयोग बच्चों के लिए खेल मैदान के रूप में किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद प्रदेश के किसी भी जर्जर स्कूल भवन में बच्चों की कक्षाएं न लगाई जाएं। ऐसे स्कूलों के विद्यार्थियों को आसपास के सरकारी भवनों या अन्य स्कूलों में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाए, जब तक नई बिल्डिंग का निर्माण पूरा नहीं हो जाता। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शनिवार को हरियाणा निवास में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (CMGGA) और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान सीएमजीजीए ने प्रदेश के विभिन्न स्कूलों और जल परियोजनाओं के निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में साइंस लैब, कंप्यूटर लैब और अन्य सुविधाएं बच्चों को नियमित रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।
उन्होंने स्कूलों में ड्यूल डेस्क जल्द उपलब्ध करवाने तथा पुराने कंप्यूटर और अन्य अनुपयोगी उपकरणों की एक माह के भीतर नीलामी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में नई बिल्डिंग की जरूरत है, वहां निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
खामियों पर होगी जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री ने सीएमजीजीए की रिपोर्ट के आधार पर जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं, उनकी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने डीईओ से लेकर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही क्लास-ए अधिकारियों को स्कूलों का औचक निरीक्षण करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों के प्रिंसिपल और मुख्य अध्यापकों की जिम्मेदारी होगी कि वे स्कूलों में बेहतर व्यवस्था बनाए रखें। किसी भी स्कूल में लापरवाही मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
जल परियोजनाओं को मजबूत करने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जल परियोजनाओं को मजबूत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने महाग्राम योजना, अमृत सरोवर और जलघरों की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में चल रहे महाग्राम योजना के कार्यों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण और कनेक्शन कार्यों को समय पर पूरा किया जाए। आने वाले मानसून को देखते हुए ड्रेन और सीवरेज की सफाई करवाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना है और इसके लिए सभी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।














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