बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
पंचकूला, 27 जून। आर्ट एंड लिटरेरी ज़ोन की मासिक गोष्ठी वरिष्ठ नागरिक कौंसिल के सभागार में उत्साह, उमंग और रचनात्मक ऊर्जा के साथ आयोजित की गई। कार्यक्रम में लगभग 30 सम्मानित सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। ज़ोन की चेयरपर्सन डॉ. नीरू मित्तल ‘नीर’ ने सभी सदस्यों का आत्मीय स्वागत करते हुए साहित्य के साथ कला की उपयोगिता और महत्त्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. नीरू मित्तल ‘नीर’, सुनील मिनोचा तथा शशि चड्ढा द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। इसके उपरांत वलिंदर कौर ने मधुर एवं भावपूर्ण सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने निवर्तमान टीम को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ससम्मान विदाई दी और कौंसिल के सचिव एच सी गेरा ने नवनिर्वाचित टीम का पुष्प से स्वागत किया। कार्यक्रम का कुशल और प्रभावशाली संचालन सुनील मिनोचा तथा शशि चड्ढा ने किया।
इस माह की गोष्ठी का विषय ‘थिएट्रिकल आर्ट’ रखा गया था, जिसके अंतर्गत सदस्यों ने स्किट, मिमिक्री, मोनो एक्टिंग और अभिनय की विविध प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
अचला डिंगले ने प्रसिद्ध गायकों की शानदार मिमिक्री प्रस्तुत कर खूब तालियाँ बटोरीं। जसविंदर कौर एवं चरणजीत सिंह ने पारिवारिक हास्य से भरपूर नाटिका प्रस्तुत की, जबकि शशि चड्ढा और वीना शर्मा ने सास-बहू के संबंधों पर आधारित एक शिक्षाप्रद प्रस्तुति दी। आर. सी. गेरा और कमलेश गेरा ने ‘कर्ण-कुंती संवाद’ के माध्यम से पौराणिकता का रंग भर दिया। सुनील मिनोचा ने राजेश खन्ना की प्रभावशाली मिमिक्री से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बृजभूषण ने विभिन्न लोकप्रिय गीतों का आकर्षक सम्मिश्रण प्रस्तुत किया।
नीरू मित्तल एवं रविंद्र मित्तल ने ’40/15 का सन्नाटा’ नाटिका में पति-पत्नी की मधुर नोकझोंक को हास्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत कर सभी को खूब गुदगुदाया। अनीता मेहंदीरत्ता, संतोष गर्ग और निर्मल कालिया ने पारिवारिक स्किट के माध्यम से बेटियों को सकारात्मक दृष्टिकोण रखने का प्रेरक संदेश दिया। राज ढींगरा एवं प्रेम ढींगरा की मनोरंजक प्रस्तुति तथा सरोज और सुशील चोपड़ा की हास्य-प्रधान स्किट ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दीपा भल्ला ने अपनी प्रभावशाली मोनो एक्टिंग से सभी का दिल जीत लिया, किरण आहूजा की मोनोएक्टिंग भी प्रभावशाली रही।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में अनिमेष गोयल, आर. एस. भल्ला, रेणु अब्बी, सूक्ष्म अग्रवाल, वलिंदर कौर, जसपाल सोढ़ा, दविंदर सोढ़ी तथा अभिलाष शर्मा ने गीत एवं कविताओं की सुंदर प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम को और अधिक रंगारंग बना दिया।

कार्यक्रम के अंत में जून माह में जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगाँठ मनाने वाले सदस्यों का केक काटकर अभिनंदन किया गया। पूरे आयोजन में आत्मीयता, उल्लास और पारिवारिक स्नेह का सुंदर समन्वय देखने को मिला। रंगमंचीय कला पर आधारित यह मासिक गोष्ठी अत्यंत सफल, मनोरंजक और उत्साहवर्धक रही, जिसका सभी वरिष्ठ नागरिकों ने भरपूर आनंद लिया।














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