चंडीगढ़, 12 जनवरी। राज्य के विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) द्वारा जारी शैक्षणिक दस्तावेज़ों के ऑनलाइन सत्यापन और प्रमाणीकरण के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म “ई-सनद” की शुरुआत कर दी है। इसके साथ ही पंजाब यह सुविधा लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है।
इस नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने या लंबी लाइनों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले जहां यह प्रक्रिया 40–45 दिन में पूरी होती थी, वहीं अब कुछ ही दिनों में ऑनलाइन सत्यापन संभव हो सकेगा।
शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि “ई-सनद” पूरी तरह काग़ज़-रहित, नागरिक-केंद्रित और पारदर्शी डिजिटल सेवा है, जिससे पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पहल से बोर्ड द्वारा जारी प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और उच्च शिक्षा, रोज़गार व विदेश जाने वाले विद्यार्थियों के लिए दस्तावेज़ों की पहुँच आसान होगी।
उन्होंने कहा कि बोर्ड से हर वर्ष लगभग 3 लाख विद्यार्थी पास होते हैं, जबकि पूर्व वर्षों के हजारों विद्यार्थी भी इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे। “ई-सनद” के तहत दस्तावेज़ों का डिजिटल सत्यापन बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार किया जाएगा और इसके बाद उन्हें विदेश मंत्रालय (MEA) के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा। यह सेवा हेग कन्वेंशन देशों (अपोस्टिल) और गैर-हेग देशों—दोनों के लिए उपलब्ध होगी।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए ई-सनद पोर्टल का लिंक, ऑनलाइन भुगतान गेटवे और चरण-दर-चरण दिशा-निर्देश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.pseb.ac.in पर उपलब्ध हैं। आवेदकों को बोर्ड के मुख्य कार्यालय आने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।
सरकार का मानना है कि “ई-सनद” सेवा से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि डिजिटल गवर्नेंस को भी मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों को तेज़, भरोसेमंद व निर्बाध सेवाएँ सुनिश्चित होंगी।












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