चंडीगढ़, 17 जनवरी: गुलाब चंद कटारिया, राज्यपाल, पंजाब एवं प्रशासक, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ने आज रायपुर कलां स्थित गौशालाओं और वहां स्थापित इंसीनेरेटर (दाह संस्कार) सुविधा का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पशुओं के संरक्षण, देखभाल और प्रबंधन हेतु की गई व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने गौशालाओं में पशुओं के लिए उपलब्ध आश्रय स्थलों, स्वच्छता मानकों, हरे एवं सूखे चारे, पेयजल, पशु चिकित्सा सेवाओं, अपशिष्ट निपटान और परिसर के समग्र रखरखाव की जांच की। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर दैनिक कार्यप्रणाली में निगरानी, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने नगर निगम चंडीगढ़ को निर्देश दिए कि गौशालाओं में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएँ और पशुओं के लिए उचित आवास, पोषण एवं जल व्यवस्था में कोई कमी न रहे।
रायपुर कलां गौशाला में स्थापित इंसीनेरेटर की तकनीकी खराबी के कारण यह अस्थायी रूप से बंद है। इस पर राज्यपाल ने नगर निगम को तुरंत तकनीकी दोष दूर कर इसे कार्यशील बनाने के निर्देश दिए, ताकि मृत पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जा सके।

इसके अलावा, राज्यपाल ने पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी को मजबूत करने के लिए निर्देश दिए कि प्रत्येक गौशाला में तैनात मानव संसाधन—जैसे पशु चिकित्सक, पैरा-वेटरिनरी स्टाफ और अन्य सहायक कर्मचारियों के नाम व ड्यूटी रोस्टर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएँ।
सीसीटीवी निगरानी मानकों के अनुपालन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि 24×7 निगरानी के साथ स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखा जा सके।
पशु कल्याण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राज्यपाल ने कहा कि समय-समय पर निरीक्षण, मानकों का सख्ती से पालन और आधारभूत ढांचे का रखरखाव जारी रहेगा, जिससे चंडीगढ़ की गौशालाओं का मानवीय, व्यवस्थित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सके।

निरीक्षण के दौरान हरप्रीत कौर बबला, महापौर, चंडीगढ़; अमित कुमार, आईएएस, आयुक्त, नगर निगम; प्रदीप कुमार, आईएएस, सचिव, पशुपालन-सह-विशेष आयुक्त, नगर निगम, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही शहर स्तरीय गौ सेवक संघों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।











Total Users : 291346
Total views : 493642