भारतीय एकता मंच के सहयोग से आम जनता को किया गया ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक
चंडीगढ़, 22 जनवरी 2026: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 (1 से 31 जनवरी) के तहत चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस द्वारा शहर भर में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। यह अभियान यूटी चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईपीएस के नेतृत्व, पुलिस महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार, आईपीएस, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा एवं ट्रैफिक) सुमेर प्रताप सिंह, आईपीएस के मार्गदर्शन तथा लक्ष्य पांडे, डैनिप्स (डीएसपी/ट्रैफिक – आर एंड डी रोड सेफ्टी) और डॉ. परवेश शर्मा, इंस्पेक्टर एवं इंचार्ज चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की देखरेख में चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में बुधवार को सेक्टर 46/47/48/49 चौक, चंडीगढ़ पर आम जनता के लिए एक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वाहन चालकों, यात्रियों, पैदल चलने वालों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं को ट्रैफिक नियमों के पालन एवं अनुशासित सड़क व्यवहार के महत्व से अवगत कराना था, ताकि व्यस्त चौराहों पर यातायात सुचारू रहे और जाम की स्थिति से बचा जा सके।
भारतीय एकता मंच की सक्रिय भागीदारी
यह कार्यक्रम भारतीय एकता मंच के सहयोग से आयोजित किया गया। मंच की ओर से सुनीता ठाकुर (अध्यक्ष), पुनीत महाजन (महासचिव), नरेंद्र जाकैत (चेयरमैन), पी.के. रत्तन (मुख्य सलाहकार) और रोशन लाल शर्मा (मीडिया सलाहकार) ने सक्रिय सहभागिता निभाई। उनकी मौजूदगी से सामुदायिक भागीदारी को बल मिला और सड़क सुरक्षा का संदेश और अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा।
ट्रैफिक जाम के कारणों पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान लोगों को उन आम कारणों के बारे में जागरूक किया गया, जिनकी वजह से अक्सर ट्रैफिक जाम लगता है। इनमें गलत लेन में वाहन चलाना, गलत दिशा में ड्राइविंग, चौराहों पर अनावश्यक रुकना, अवैध पार्किंग, फ्री लेफ्ट को ब्लॉक करना और ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी शामिल हैं।
नियमों और सुरक्षित व्यवहार की दी गई जानकारी
डॉ. परवेश शर्मा, इंस्पेक्टर एवं इंचार्ज चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क, ने अपनी जागरूकता टीम — हेड कांस्टेबल अल्केश, हेड कांस्टेबल जग्गरूप सिंह, हेड कांस्टेबल राहुल, सीनियर कांस्टेबल राजीव, कांस्टेबल प्रदीप, कांस्टेबल नीरज और वालंटियर शंभर के साथ मिलकर आम जनता को जरूरी ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी।
लोगों को लेन अनुशासन, इंडिकेटर के सही उपयोग, सीट बेल्ट पहनने, बीआईएस मानक के आईएसआई मार्क हेलमेट के इस्तेमाल, लाल बत्ती पर इंजन बंद कर प्रदूषण कम करने, ओवरस्पीडिंग से बचने और सड़क संकेतों व ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
आपातकालीन वाहनों और गुड सेमेरिटन कानून पर जागरूकता
कार्यक्रम में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसे आपातकालीन वाहनों को तुरंत रास्ता देने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने वाले गुड सेमेरिटन कानून के बारे में भी जानकारी दी गई।
अन्य महत्वपूर्ण संदेश
जागरूकता टीम ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल, नाबालिगों द्वारा ड्राइविंग, अनावश्यक हॉर्न बजाने और शराब पीकर वाहन चलाने के खतरों के बारे में भी चेताया। नागरिकों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े करने और सड़कों, फुटपाथों, साइकिल ट्रैक व मोड़ों के पास पार्किंग से बचने की सलाह दी गई।
इसके अलावा वैध ड्राइविंग लाइसेंस रखने, वाहन की नियमित देखभाल से प्रदूषण नियंत्रित करने तथा बिना लाइसेंस ड्राइविंग, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ और अन्य ट्रैफिक उल्लंघनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत लगने वाले दंड की जानकारी सरल भाषा में दी गई। मोटर वाहन अधिनियम 1988, उसके संशोधन, सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स और ड्राइविंग रेगुलेशंस के प्रमुख प्रावधानों को भी समझाया गया।
शून्य सड़क दुर्घटना का लक्ष्य
कार्यक्रम के अंत में आम जनता से अपील की गई कि वे स्वेच्छा से सुरक्षित और जिम्मेदार सड़क व्यवहार अपनाएं तथा ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि जाम से बचा जा सके और सड़कें सभी के लिए सुरक्षित बनें।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य हासिल करना और चंडीगढ़ को ट्रैफिक अनुशासन के मामले में एक आदर्श शहर बनाना है।
— जनहित में जारी, चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस











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