नई दिल्ली | केंद्रीय बजट 2026-27। केंद्रीय बजट 2026-27 में केंद्र सरकार ने राज्यों के समग्र विकास को गति देने के लिए कई बड़ी और दूरगामी घोषणाएं की हैं। खास तौर पर खनिज-संपन्न राज्यों, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और तटीय क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
खनिज और औद्योगिक विकास
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे। इन कॉरिडोर के जरिए खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही, राज्यों को चुनौती आधारित मॉडल के तहत तीन समर्पित केमिकल पार्क स्थापित करने में सहयोग दिया जाएगा, जो क्लस्टर आधारित प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर होंगे।
कनेक्टिविटी को मजबूती
पूर्व में डंकुनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग (National Waterways) को ऑपरेशनल किया जाएगा। इसकी शुरुआत ओडिशा के NW-5 से होगी, जो तालचर और अंगुल जैसे खनिज क्षेत्रों को कलिंगानगर और परादीप-धामरा बंदरगाहों से जोड़ेगा।
वाराणसी और पटना में इनलैंड वॉटरवे के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित होगा। साथ ही, कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम के जरिए 2047 तक जलमार्ग और तटीय शिपिंग की हिस्सेदारी 6% से बढ़ाकर 12% करने का लक्ष्य रखा गया है।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को ग्रोथ कनेक्टर के रूप में विकसित किया जाएगा—
मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी।
स्वास्थ्य और आयुष को बढ़ावा
राज्यों के सहयोग से पांच रीजनल मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे, जो निजी क्षेत्र की भागीदारी से संचालित होंगे। इनमें आयुष केंद्र, मेडिकल वैल्यू टूरिज्म फैसिलिटेशन, डायग्नोस्टिक्स और रिहैबिलिटेशन सुविधाएं होंगी।
तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे, आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को अपग्रेड किया जाएगा और जामनगर स्थित WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को और सशक्त बनाया जाएगा।
उत्तर भारत में NIMHANS-2 की स्थापना और रांची व तेजपुर के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थान के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।
शिक्षा, डिज़ाइन और क्रिएटिव सेक्टर
पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना की जाएगी।
मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स खोली जाएंगी।
राज्यों को औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित करने में सहायता दी जाएगी।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में माउंटेन ट्रेल्स, ओडिशा, कर्नाटक और केरल में टर्टल ट्रेल्स, तथा आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु में बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स विकसित होंगे।
लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, आदिचनल्लूर, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
पूर्वोत्तर राज्यों में बौद्ध सर्किट के विकास की भी घोषणा की गई है।
कृषि और बागवानी को संबल
तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
नारियल प्रमोशन स्कीम के तहत पुराने और कम उत्पादक पेड़ों को नए पौधों से बदला जाएगा।
पूर्वोत्तर में अगरवुड और पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट और पाइन नट्स को समर्थन मिलेगा।
पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान
पुरवोदय राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास व रोजगार को गति देने के लिए ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, दुर्गापुर में कनेक्टेड नोड, पांच पर्यटन स्थल और 4,000 ई-बसों की व्यवस्था की जाएगी।
राज्यों को वित्तीय सहायता
वित्त वर्ष 2026-27 में राज्यों को ₹1.4 लाख करोड़ वित्त आयोग अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार कर हस्तांतरण में राज्यों की हिस्सेदारी 41% बरकरार रखी गई है।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026-27 राज्यों के संतुलित विकास, रोजगार सृजन और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा












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