August 30, 2026 4:45 am

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भारत सरकार ने टोल टैक्स वसूली के नियमों में किया अहम बदलाव

अधूरे एक्सप्रेसवे पर नहीं देना होगा पूरा टोल, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
नई दिल्ली: एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। भारत सरकार ने टोल टैक्स वसूली के नियमों में अहम बदलाव करते हुए ‘राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण एवं वसूली) नियम, 2008’ में संशोधन को मंजूरी दे दी है। नए नियम लागू होने के बाद अब अधूरे एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से पूरा टोल नहीं वसूला जाएगा।

क्या है नया नियम?
अब तक एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहनों से सामान्य नेशनल हाईवे की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक टोल वसूला जाता था। यह अतिरिक्त शुल्क बेहतर सड़क, तेज रफ्तार और सुरक्षा सुविधाओं के कारण लिया जाता था।
लेकिन समस्या तब पैदा होती थी जब एक्सप्रेसवे आंशिक रूप से खुला होता था, फिर भी यात्रियों से पूरे एक्सप्रेसवे का टोल वसूल लिया जाता था।
संशोधित नियमों के अनुसार, यदि कोई एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार नहीं है और केवल कुछ हिस्सों में ही चालू है, तो वहां एक्सप्रेसवे की ऊंची दरें लागू नहीं होंगी। ऐसे मामलों में टोल शुल्क सामान्य नेशनल हाईवे की दरों के बराबर या उससे भी कम किया जाएगा।

कब से लागू होंगे नए नियम?
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, ये संशोधित नियम 15 फरवरी 2026 से पूरे देश में प्रभावी होंगे। हालांकि यह राहत सीमित अवधि के लिए होगी।
यह व्यवस्था या तो नियम लागू होने की तारीख से एक साल तक, या फिर एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने तक (जो पहले हो) लागू रहेगी। निर्माण कार्य पूरा होते ही टोल फिर से सामान्य एक्सप्रेसवे दरों पर वसूला जाएगा।

आम जनता को क्या होगा फायदा?
इस फैसले का सबसे ज्यादा लाभ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे नए और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को मिलेगा।
निर्माण कार्य के चलते जाम, डायवर्जन और अधूरी सड़कों के बावजूद यात्रियों को भारी टोल देना पड़ता था। अब नए नियम से यात्रियों को “जितनी सुविधा, उतना शुल्क” और “जितना रास्ता, उतना पैसा” के सिद्धांत पर सीधी राहत मिलेगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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