June 17, 2026 1:56 pm

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आरोही स्कूल ग्योंग में “व्याकरण उत्सव: शुद्ध भाषा का पर्व” धूमधाम से मनाया

कैथल: आरोही स्कूल ग्योंग में “व्याकरण उत्सव: शुद्ध भाषा का पर्व” धूमधाम से मनाया गया। आज विद्यालय में ‘भाषा की सुंदरता – व्याकरण की शक्ति’ विषय पर विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भाषा की शुद्धता तथा व्याकरण के महत्व के प्रति जागरूक करना था। विद्यालय के हिंदी प्राध्यापक डॉ विजय चावला ने हिंदी भाषा लैब में विद्यार्थियों को बताया कि व्याकरण दिवस के प्रेरणास्रोत महान व्याकरणाचार्य पाणिनि हैं। इस अवसर पर हम स्मरण करते हैं-महान व्याकरणाचार्य पाणिनि को, जिन्होंने ‘अष्टाध्यायी’ जैसे अद्भुत ग्रंथ की रचना की। डॉ चावला ने आगे बताया कि व्याकरण केवल नियमों का पालन नहीं है, यह विचारों के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने की एक निरंतर यात्रा है। राष्ट्रीय व्याकरण दिवस,जो हर साल मनाया जाता है,लेखन और भाषण में व्याकरण के उचित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक दिन है। व्याकरण भाषा की नींव है। यदि व्याकरण सही हो, तो हमारी अभिव्यक्ति स्पष्ट और प्रभावी बनती है। उन्होंने विद्यार्थियों को शुद्ध हिंदी लिखने और बोलने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने हमारी भाषा को बहुत तेजी से बदला है। हम जल्दी में स्पेलिंग गलत करते हैं, शब्दों को संक्षिप्त कर देते हैं, और अक्सर भावनाओं को व्यक्त करने में व्याकरण को भूल जाते हैं।
राष्ट्रीय व्याकरण दिवस हमें याद दिलाता है कि भले ही हम डिजिटल भाषा में सहज हों, लेकिन सही और स्पष्ट लेखन का महत्व आज भी कायम है। राष्ट्रीय व्याकरण दिवस के लिए कक्षा सातवीं के विद्यार्थियों ने हिंदी व्याकरण का कार्ड का खेल तैयार किया। इस खेल के माध्यम से विद्यार्थियों ने व्याकरण की बारीकियों के बारे में तथा भाषा में छिपे जादू के बारे में भी जाना। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पासे के खेल के माध्यम से शब्द बनाना,वाक्य बनाना, कहानी सुनाना आदि गतिविधियों में भी भाग लिया। कक्षा सातवीं की जाह्नवी ने व्याकरण के महत्व पर कविता वाचन किया। आज राष्ट्रीय व्याकरण दिवस पर शुद्ध लेखन और वाचन पर जोर भी दिया गया। सभी ने यह भी जाना कि राष्ट्रीय व्याकरण दिवस भाषा की शुद्धता का पर्व है। अंत में सभी ने मिलकर “व्याकरण उत्सव: शुद्ध भाषा का पर्व” के अवसर पर व्याकरण के महत्व को समझने,शुद्ध भाषा अपनाने और ज्ञान की रोशनी को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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