September 20, 2026 12:47 pm

September 20, 2026 12:47 pm

CHANDIGARH: कालाग्राम शराब ठेका विवाद: ₹70–80 लाख की राजस्व हानि पर मेयर सौरभ जोशी का बड़ा एक्शन, हाई-लेवल जांच के आदेश

चंडीगढ़ : शहर में प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। सौरभ जोशी ने कालाग्राम के पास स्थित शराब ठेके में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में नगर निगम को करीब ₹70–80 लाख की संभावित राजस्व हानि का अंदेशा जताया गया है, जिसे मेयर ने “गंभीर प्रशासनिक विफलता” करार दिया है।

देरी और लापरवाही से बढ़ा नुकसान
मामले में सबसे बड़ी खामी लीज एग्रीमेंट के समय पर निष्पादन न होने को माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तय समयसीमा के भीतर लीज प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, जिसके चलते नगर निगम को सीधा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। इसके साथ ही, संबंधित शराब ठेका अभी भी पुराने लाइसेंसी के कब्जे में है, जिससे वर्ष 2026–27 के नए आवंटी को विधिवत कब्जा नहीं मिल पाया है।
इस देरी ने न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजस्व वसूली पर भी नकारात्मक असर डाला है।

किराया और GST बकाया, नोटिस बेअसर
आबकारी विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, ठेके से जुड़े कई महीनों का किराया और GST अब तक जमा नहीं किया गया है। विभाग द्वारा बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना विभागीय समन्वय की कमी को उजागर करता है। यह लापरवाही ही राजस्व नुकसान की बड़ी वजह मानी जा रही है।

3 दिन में रिपोर्ट, दोषियों पर कार्रवाई तय
मेयर सौरभ जोशी ने संयुक्त आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि तीन दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


जांच के दायरे में ये प्रमुख बिंदु
लीज एग्रीमेंट में देरी के कारणों की विस्तृत जांच
जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान
ठेके की कानूनी स्थिति और कब्जे की समीक्षा
नगर निगम को हुए वास्तविक वित्तीय नुकसान का आकलन
दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सिस्टम सुधार
“जनता का पैसा पवित्र है” — मेयर
कड़ा संदेश देते हुए मेयर ने कहा,
“जनता का पैसा पवित्र है। लापरवाही या प्रशासनिक विफलता के कारण एक भी रुपया नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। दोषियों को हर हाल में जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा में ATR प्रस्तुत नहीं की जाती, तो मामला उच्च अधिकारियों तक ले जाकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पारदर्शिता पर जोर
अंत में मेयर ने दोहराया कि चंडीगढ़ प्रशासन की पारदर्शी और जवाबदेह छवि को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के धन की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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