April 5, 2026 6:18 am

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चंडीगढ़ में फायर सेफ्टी पर सवाल: सेक्टर-22 मोबाइल मार्केट में भीषण आग, वहीं फायर फाइटिंग सिस्टम का उद्घाटन टला

दो दुकानों में लाखों का नुकसान, 33 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू • ₹92 हजार के टेंडर में देरी से सिस्टम चालू नहीं

चंडीगढ़, 18 मार्च: शहर में एक ओर जहां सेक्टर-22 स्थित मोबाइल मार्केट में लगी भीषण आग ने फायर सेफ्टी इंतजामों की पोल खोल दी, वहीं दूसरी ओर एक नया फायर फाइटिंग सिस्टम केवल ₹92 हजार के छोटे से टेंडर के कारण शुरू नहीं हो पाया। यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

सेक्टर-22 मोबाइल मार्केट में मची अफरा-तफरी
बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग सबसे पहले फर्स्ट फ्लोर पर स्थित ‘बंसल फोटो फ्रेमिंग’ दुकान में लगी और तेजी से फैलते हुए सेकंड फ्लोर पर ‘21 सेंचुरी’ मोबाइल शोरूम तक पहुंच गई।
दुकानों में रखे मोबाइल फोन, बैटरियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जलने के दौरान तेज धमाके हुए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

33 दमकल गाड़ियों की मशक्कत
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 33 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। नगर निगम के पानी के टैंकर भी बुलाए गए, जबकि आग की भयावहता को देखते हुए मोहाली से भी अतिरिक्त दमकल गाड़ियां मंगाई गईं।
कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते बाजार खाली करवा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

आग बुझाने में आईं दिक्कतें
दमकल विभाग को आग बुझाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इलेक्ट्रॉनिक सामान और बैटरियों के लगातार फटने से आग बार-बार भड़कती रही। आग पर काबू पाने के लिए पानी के साथ फोम और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल करना पड़ा।

ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा
पुलिस ने एहतियात के तौर पर सेक्टर-21/22 और 17/18 चौक से स्टेडियम की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया। पूरे इलाके को खाली कराकर सुरक्षा घेरा बना दिया गया।

शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस और फायर विभाग की टीम विस्तृत जांच कर रही है।

लाखों का नुकसान
इस हादसे में दोनों दुकानों में रखा महंगा सामान जलकर खाक हो गया। मोबाइल शोरूम में रखे महंगे स्मार्टफोन, जिनमें आईफोन भी शामिल थे, पूरी तरह नष्ट हो गए।

दूसरी ओर—फायर फाइटिंग सिस्टम शुरू होने में देरी
इसी बीच, शहर में एक महत्वपूर्ण फायर फाइटिंग सिस्टम का उद्घाटन केवल ₹92 हजार के टेंडर के फाइनल न होने के कारण टाल दिया गया है।
आर.के. गर्ग द्वारा जारी प्रेस बयान के अनुसार, सिस्टम का इंस्टॉलेशन कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन उद्घाटन समारोह के लिए आवश्यक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से यह अभी तक शुरू नहीं हो पाया।

प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल
इतनी छोटी राशि के टेंडर में देरी के कारण फायर सेफ्टी सिस्टम का समय पर चालू न होना प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाता है। ऐसे में सेक्टर-22 जैसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि अगर यह सिस्टम समय पर चालू होता, तो क्या नुकसान कम किया जा सकता था?

जनता की सुरक्षा से जुड़ा मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि फायर फाइटिंग सिस्टम जैसे जरूरी संसाधनों को किसी भी स्थिति में टालना नहीं चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर जन सुरक्षा से जुड़ा होता है।

एक तरफ शहर के व्यस्त बाजार में लगी आग ने लाखों का नुकसान किया, वहीं दूसरी ओर फायर सेफ्टी सिस्टम का उद्घाटन प्रशासनिक देरी की भेंट चढ़ गया। यह घटना साफ संकेत देती है कि कागजी प्रक्रियाओं में देरी अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर जोखिम बनती जा रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं को कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू करता है।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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