पंचकूला, 4 अप्रैल 2026: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार को पंचकूला, बरवाला और रायपुररानी की अनाज मंडियों का दौरा कर रबी सीजन 2026-27 के तहत चल रही गेहूं और सरसों की खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मंत्री ने मंडियों में किसानों को उपलब्ध सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, साफ-सफाई, फसल सत्यापन और बायोमैट्रिक सिस्टम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
राज्य में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। खरीद कार्य हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है।
किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो: सरकार
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश हैं कि मंडियों में किसानों और आढ़तियों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए खरीद प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संचालित करने के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मंडियों में पर्याप्त बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और फसल आते ही उठान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही, किसानों को उनकी फसल का भुगतान 72 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
नई व्यवस्थाओं से बढ़ेगी पारदर्शिता और सुविधा
श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस बार रबी खरीद सीजन में किसानों की सुविधा, समय की बचत और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
किसान अब 24 घंटे मंडी में फसल लेकर आ सकते हैं
ट्रैक्टर-ट्रॉली के अलावा बैलगाड़ी जैसे पारंपरिक साधनों से भी फसल लाने की अनुमति
नंबर प्लेट न होने पर ट्रैक्टर पर पेंट या स्टिकर से नंबर लिखना अनिवार्य
गेट पास प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से जुड़ी सुविधाएं
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसान, भूमि मालिक या पट्टेदार – तीनों में से कोई भी पंजीकरण कर सकता है। किसान अधिकतम तीन नामित व्यक्तियों को भी फसल बेचने के लिए अधिकृत कर सकता है।
बायोमैट्रिक और डिजिटल सिस्टम से खरीद प्रक्रिया
फसल बिक्री के दौरान सत्यापन के लिए फिंगर स्कैनिंग और आईरिस स्कैनिंग का उपयोग किया जाएगा। तकनीकी समस्या होने पर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन की सुविधा भी दी गई है।
आउट गेट पास सिस्टम को भी डिजिटल किया गया है, जिससे ट्रांसपोर्टर और मंडी सचिव की स्वीकृति के बाद ही फसल उठान होगा। इससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी बनेगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान बीजेपी जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, कृषि विभाग के उपनिदेशक राकेश पोरिया, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जतिन मित्तल सहित विभिन्न मंडी समितियों के चेयरमैन और संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
निष्कर्ष:
सरकार द्वारा लागू नई व्यवस्थाओं से जहां किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने पर भी जोर दिया जा रहा है।











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