18 विभागों के साथ राजेश खुल्लर बने सबसे अहम अधिकारी
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़: हरियाणा में नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधिकारियों के बीच कार्यों का विस्तृत बंटवारा कर दिया गया है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता आएगी।
CPS राजेश खुल्लर को सबसे ज्यादा 18 विभाग
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर को चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी (CPSCM) के रूप में सबसे अधिक 18 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
इनमें गृह, वित्त, आबकारी एवं कराधान, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि एवं किसान कल्याण, उद्योग, सूचना एवं जनसंपर्क, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग जैसे अहम विभाग शामिल हैं।
इसके साथ ही सीएम कार्यालय का ओवरऑल इंचार्ज, विधायी कार्य, कैबिनेट मामलों और नीतिगत निर्णयों से जुड़े विषय भी उनके पास रहेंगे।
अरुण कुमार गुप्ता को 10 विभागों का जिम्मा
मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता को 10 विभाग सौंपे गए हैं।
इनमें सिविल एविएशन, पर्यावरण एवं वन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, खनन, लोक निर्माण विभाग, सामाजिक न्याय, एससी/बीसी कल्याण, परिवहन और शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं।
साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग का दायित्व भी दिया गया है।
यशपाल यादव के पास 9 अहम विभाग
डिप्टी प्रिंसिपल सेक्रेटरी यशपाल यादव को 9 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
इनमें पंचायती राज, विकास, श्रम, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग, स्कूल शिक्षा, खेल, पर्यटन और विरासत से जुड़े विभाग शामिल हैं।

अजय कुमार को मॉनिटरिंग और विकास कार्यों की जिम्मेदारी
डिप्टी प्रिंसिपल सेक्रेटरी-2 अजय कुमार को सहकारिता, चुनाव, मत्स्य पालन, महिला एवं बाल विकास, सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण जैसे विभाग दिए गए हैं।
इसके अलावा बजट घोषणाओं की मॉनिटरिंग, अधूरी परियोजनाओं की समीक्षा और विभिन्न विभागों के प्रदर्शन की निगरानी भी उनके जिम्मे रहेगी।
अन्य अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां
ओएसडी राज नेहरा: उच्चतर शिक्षा, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता
विवेक कालिया: सीएम विंडो और जन सेवा
सुधांशु गौतम: सरकारी आवास, सीएम राहत कोष, HRDF
राकेश संधू: शिकायत निवारण और सीएम विंडो-2
नरेंद्र पाल मलिक: मुख्यमंत्री घोषणाएं
प्रशासनिक कामकाज में आएगी तेजी
सरकार के अनुसार इस नए कार्य विभाजन से विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जनता से जुड़े मामलों, खासकर शिकायत निवारण और सीएम घोषणाओं की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी।










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