June 15, 2026 2:15 pm

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पंचकूला सेक्टर 11 में टूटे मैनहोल की हुई मरम्मत, वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान—कौन करवा रहा काम, बना चर्चा का विषय

बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 27 अप्रैल 2026: सेक्टर 11 में लंबे समय से जर्जर पड़े और टूटे मैनहोलों की अचानक हुई मरम्मत ने स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वर्षों से अनदेखी का शिकार रहे इन मैनहोलों की मरम्मत किस विभाग या किस जनप्रतिनिधि के प्रयास से हुई है, इसको लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, क्योंकि इस कार्य को लेकर अब तक कोई आधिकारिक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। टूटे मेंनहोल को लेकर कई बार मीडिया में भी खबर प्रकाशित हो चुकी थी, मगर किसी ने भी ध्यान नही दिया था, अब चुनाव आते ही किस सज्जन को सेक्टर के विकास की याद आई, चर्चा का विषय है। वही काम करवाने वाले सज्जन का सेक्टर वासी आभार भी जता रहे है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेक्टर 11 की मुख्य सड़कों और आंतरिक गलियों में कई मैनहोल लंबे समय से टूटे और खतरनाक स्थिति में पड़े थे। नगर निगम और संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही थी। कई स्थानों पर खुले और टूटे मैनहोलों के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ था, खासकर रात के समय और बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाती थी।

सेक्टर 11 की मुख्य मार्केट क्षेत्र की पगडंडियों पर भी कई सीवरेज मैनहोल टूटे पड़े थे, जिन्हें दुकानदारों ने स्वयं ही अस्थायी रूप से मिट्टी और मलबा डालकर ढक दिया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
अब वर्षों बाद अचानक इन मैनहोलों की मरम्मत होने पर स्थानीय लोगों में आश्चर्य और चर्चा दोनों है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर यह काम किसके प्रयास से संभव हुआ—क्या यह नगर निगम की पहल है या किसी स्थानीय जनप्रतिनिधि ने इस मुद्दे को उठाया है।

सेक्टर वासियों का यह भी कहना है कि चुनावी माहौल के बीच इस तरह के कार्यों पर लोगों की नजर और भी अधिक रहती है, क्योंकि लंबे समय से अनदेखी के बाद अचानक हुए विकास कार्य राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाते हैं।

स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि अब केवल मरम्मत ही नहीं, बल्कि ऐसे सभी जर्जर मैनहोलों की स्थायी जांच और समय पर रखरखाव किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

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