कांग्रेस ने दी कानूनी लड़ाई की चेतावनी, कहा- अधिकार मांगने वालों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र के खिलाफ
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 6 जून। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) मुख्यालय, पटियाला के बाहर अपने अधिकारों और नियमित भर्ती की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रशिक्षु लाइनमैनों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व सांसद Vijay Inder Singla ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनरत युवाओं का समर्थन किया और उनकी रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया।
सिंगला के हस्तक्षेप और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के बाद हिरासत में लिए गए 11 प्रशिक्षु लाइनमैनों को कुछ ही समय में रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
रिहाई के लिए अधिकारियों से की सीधी बातचीत
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे विजय इंदर सिंगला को यूनियन नेताओं ने बताया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान 11 प्रशिक्षु लाइनमैनों को हिरासत में लिया गया है। इसके बाद उन्होंने तुरंत उच्च पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और युवाओं की तत्काल रिहाई की मांग की। सिंगला ने कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
उनके अनुसार प्रशासन पर दबाव बनने के बाद सभी 11 प्रशिक्षु लाइनमैनों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया।
भूख हड़ताल पर बैठे युवक की बिगड़ी तबीयत
प्रदर्शन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे एक प्रशिक्षु लाइनमैन की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर सिंगला ने तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई। उन्होंने मेडिकल टीम को मौके पर बुलाकर युवक का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया और आवश्यक उपचार शुरू कराया। इसके अलावा, लाठीचार्ज और तनावपूर्ण माहौल के कारण कई प्रदर्शनकारी युवाओं ने भोजन नहीं किया था। इसे देखते हुए सिंगला ने अपनी टीम के माध्यम से मौके पर लंगर की व्यवस्था भी करवाई।
‘आम जनता की सरकार’ तानाशाही पर उतर आई : सिंगला
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विजय इंदर सिंगला ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार अधिकार मांगने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज कर रही है।
सिंगला ने कहा, “जो लोग खुद को आम जनता की सरकार बताते थे, वे आज पूरी तरह तानाशाही और निरंकुश रवैया अपना रहे हैं। राज्य की पुलिस अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों, जबरन वसूली और नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही, लेकिन अपने हक की मांग कर रहे प्रशिक्षु लाइनमैनों पर लाठियां बरसाने में पीछे नहीं हटती।”
‘योग्य युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार बंद हो’
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षु लाइनमैन कोई अपराधी नहीं हैं, बल्कि योग्य युवा हैं जो नियमित भर्ती की मांग कर रहे हैं। प्रशासन को उनके साथ संवाद स्थापित कर समाधान निकालना चाहिए था, न कि बल प्रयोग करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों ने किसी कारणवश कार्यालय के दरवाजे बंद किए थे, तब भी बातचीत का रास्ता अपनाया जा सकता था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद ही सबसे प्रभावी समाधान होता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को वादे याद दिलाए
सिंगला ने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि रोजगार देने के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार अब युवाओं की मांगों को नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक प्रशिक्षु लाइनमैनों की स्थायी भर्ती नहीं हो जाती, कांग्रेस पार्टी उनके अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर अदालत तक लड़ेगी और हर स्तर पर उनके साथ खड़ी रहेगी।













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