बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़/अंबाला, 11 जून। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात गैंगस्टर वैनकेट गर्ग को जॉर्जिया से भारत प्रत्यर्पित कराने में सफलता प्राप्त की है। यह जॉर्जिया से भारत को किया गया पहला प्रत्यर्पण है और वर्ष 2026 के दौरान STF हरियाणा द्वारा सुनिश्चित किया गया 10वां निर्वासन/प्रत्यर्पण भी है।
STF के अनुसार 29 वर्षीय वैनकेट गर्ग अंबाला जिले के नारायणगढ़ स्थित चंदना कॉलोनी का निवासी है और करीब 53 सदस्यों वाले अपने आपराधिक गिरोह का सरगना माना जाता है। उसका गैंग अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
34 आपराधिक मामलों का आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वैनकेट गर्ग एक उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) है, जिसके खिलाफ हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं। भारत से फरार होने से पहले उसके खिलाफ 23 मामले दर्ज थे, जबकि विदेश भागने के बाद भी उसने अपने गैंग के जरिए अपराधों का संचालन जारी रखा। इसके चलते हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली और आर्म्स एक्ट से जुड़े 11 नए मामले दर्ज हुए।
उसके गिरोह पर नारायणगढ़ में बसपा नेता हरबिलास की हत्या और अंबाला तथा यमुनानगर में रंगदारी के लिए कई फायरिंग की घटनाओं को अंजाम देने के आरोप हैं।
UAE के रास्ते जॉर्जिया पहुंचा था गैंगस्टर
जांच में सामने आया कि वैनकेट गर्ग 10 दिसंबर 2024 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भाग गया था और बाद में 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया पहुंच गया।
STF की जांच में यह भी पता चला कि उसने गुरुग्राम के सेक्टर-67 स्थित एक पते को अपना निवास बताकर धोखाधड़ी से पासपोर्ट हासिल किया था। इस मामले में नारायणगढ़ थाने में अलग से मुकदमा दर्ज किया गया। STF की सिफारिश पर 4 फरवरी 2025 को उसका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया था।
इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस और वारंट के बाद कार्रवाई
भगोड़े अपराधी को वापस लाने के लिए STF हरियाणा ने व्यापक कानूनी और अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की। आरोपी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC), इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया। इसके अलावा उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कराया गया तथा विभिन्न अदालतों से छह ओपन-डेटेड गिरफ्तारी वारंट भी प्राप्त किए गए।
बाद में अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने पर प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की गई, जो अब सफलतापूर्वक पूरी हो गई है।
भारत-जॉर्जिया सहयोग का परिणाम
STF ने बताया कि यह प्रत्यर्पण भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (NCB), CBI, जॉर्जिया स्थित भारतीय दूतावास तथा कजाखस्तान स्थित भारतीय दूतावास के समन्वित प्रयासों से संभव हो पाया। जॉर्जिया सरकार, वहां की न्यायिक एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा कजाखस्तान सरकार ने भी इस अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
STF ने अंबाला पुलिस और उसकी टीम की भूमिका की भी सराहना की, जिन्होंने आरोपी के खिलाफ मामलों की जांच और प्रत्यर्पण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
संगठित अपराध के खिलाफ सख्त संदेश
STF हरियाणा का कहना है कि वैनकेट गर्ग का प्रत्यर्पण संगठित अपराध और विदेशों में छिपे भगोड़े अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि गंभीर अपराधों में शामिल अपराधी विदेश में शरण लेकर भी कानून की पकड़ से नहीं बच सकते। STF भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से ऐसे भगोड़ों को खोजकर न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।













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