June 13, 2026 3:24 pm

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हरियाणा का 504 करोड़ रुपये का बैंक घोटाला: नौकरों के नाम पर बनीं शेल कंपनियां, CBI की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बड़े खुलासे

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
पंचकूला/चंडीगढ़, 13 जून। हरियाणा के सरकारी विभागों और नगर निकायों के करोड़ों रुपये के फंड को फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर करने के चर्चित बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी ने पंचकूला की विशेष अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करते हुए दावा किया है कि करीब 504 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन में शेल कंपनियों, बैंक अधिकारियों और कुछ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है।
सीबीआई के अनुसार, यह घोटाला केवल बैंकिंग सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर नहीं किया गया, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसने सरकारी खातों से धन निकालकर उसे निजी कंपनियों और फर्जी खातों में पहुंचाया।
नौकरों और रिश्तेदारों के नाम पर बनाई गईं शेल कंपनियां
जांच में सामने आया है कि घोटाले के कथित मास्टरमाइंड रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर रिभव ऋषि ने मिलकर कई शेल कंपनियों का जाल बिछाया। इन कंपनियों को कथित तौर पर नौकरों, कर्मचारियों और रिश्तेदारों के नाम पर खड़ा किया गया ताकि सरकारी धन के ट्रांसफर को वैध लेन-देन का रूप दिया जा सके।
सीबीआई का दावा है कि सरकारी विभागों के करोड़ों रुपये इन कंपनियों के खातों में भेजे गए और बाद में अलग-अलग माध्यमों से धन का उपयोग संपत्तियां खरीदने और अन्य निवेशों में किया गया।
दो आईएएस अधिकारियों के नाम भी जांच के दायरे में
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि जांच अभी जारी है, लेकिन सीबीआई का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर सरकारी धन का ट्रांसफर संबंधित अधिकारियों की जानकारी और सहयोग के बिना संभव नहीं था।
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि कई विभागों के खातों से धन स्थानांतरित किया गया और इस प्रक्रिया में प्रशासनिक स्तर पर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

रिश्वत, महंगे गिफ्ट और टूर पैकेज का आरोप
सीबीआई ने अपनी जांच में दावा किया है कि अधिकारियों और संबंधित लोगों को प्रभावित करने के लिए नकद राशि, महंगे उपहार और लग्जरी टूर पैकेज दिए गए। एजेंसी का मानना है कि इन सुविधाओं के बदले सरकारी फंड के ट्रांसफर और बैंकिंग प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया।
जांच एजेंसियां अब उन लेन-देन और उपहारों की भी पड़ताल कर रही हैं जिनका संबंध इस कथित घोटाले से जुड़ता है।

सरकारी पैसे से खरीदी गई करोड़ों की संपत्तियां
जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने सरकारी धन का उपयोग कर 40 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियां खरीदीं। इनमें चंडीगढ़, पंचकूला और न्यू चंडीगढ़ के प्राइम लोकेशन वाले प्लॉट, कोठियां और फार्महाउस शामिल बताए जा रहे हैं।
सीबीआई ने कई संपत्तियों का विवरण जुटाया है और उनकी खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत की जांच कर रही है। एजेंसी को आशंका है कि यह संपत्तियां घोटाले से अर्जित धन से खरीदी गईं।

सुरेंद्र जैन गिरफ्तार, अंबाला जेल में बंद
मामले में कार्रवाई के तहत वरिष्ठ लेखा अधिकारी सुरेंद्र जैन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उन पर पंचकूला नगर निगम और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े फंड ट्रांसफर में भूमिका निभाने के आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था और फिलहाल वे अंबाला केंद्रीय जेल में बंद हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब उन अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी खंगाल रही हैं जिनके माध्यम से सरकारी खातों से धन ट्रांसफर किया गया।

अभी और बढ़ सकती है आरोपियों की संख्या
सीबीआई ने अदालत को संकेत दिया है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आने वाले समय में नई गिरफ्तारियां तथा अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं। एजेंसी शेल कंपनियों के नेटवर्क, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, संपत्ति खरीद और कथित रिश्वत तंत्र की गहराई से जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला?
यह घोटाला हरियाणा के विभिन्न सरकारी विभागों, नगर निगमों और बोर्डों के खातों से करोड़ों रुपये को निजी खातों और शेल कंपनियों में ट्रांसफर करने से जुड़ा है। शुरुआती जांच में सरकारी फंड के दुरुपयोग और बैंकिंग प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले थे, जिसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया।
अब सप्लीमेंट्री चार्जशीट के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच के दायरे में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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