बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 13 जून। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े भ्रष्टाचार और प्रभाव के दुरुपयोग से जुड़े मामले में हरियाणा कैडर के एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को पूछताछ के लिए तलब किया है। आरोप है कि अधिकारी ने एक बहुचर्चित घोटाले के मुख्य आरोपी को CBI जांच से राहत दिलाने का भरोसा देकर 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। मामले में CBI पहले ही FIR दर्ज कर चुकी है और अब जांच की आंच वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है।
CBI सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कैडर के वर्ष 2012 बैच के IPS अधिकारी, जो वर्तमान में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात हैं, पर आरोप है कि उन्होंने पुडुचेरी के कथित 5,000 करोड़ रुपये के नकली एवं जाली दवा घोटाले के मुख्य आरोपी एन. राजा उर्फ राजशेखर को जांच में राहत दिलाने का दावा किया। इसके बदले कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये की मांग की गई।
FIR में क्या है आरोप
CBI द्वारा 8 जून को दर्ज FIR में मुख्य आरोपी एन. राजा, दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह, एक कथित बिचौलिए राजकुमार उर्फ मधनराज तथा अन्य अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के नाम शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी ने CBI मामलों में राहत दिलाने के नाम पर प्रभाव का इस्तेमाल करने की साजिश रची थी।
जांच में सामने आया है कि कथित रिश्वत राशि का एक हिस्सा हवाला नेटवर्क के माध्यम से पहुंचाया गया। CBI का दावा है कि लगभग 1 करोड़ रुपये की रकम पहले ही आरोपी पक्ष द्वारा पहुंचाई जा चुकी थी। इसी लेनदेन और उससे जुड़े नेटवर्क की कड़ियां अब हरियाणा कैडर के IPS अधिकारी तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
CBI ने भेजा नोटिस, पूछताछ के लिए बुलाया
CBI ने संबंधित IPS अधिकारी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या वास्तव में अधिकारी ने अपने कथित “संपर्कों” का हवाला देकर आरोपी से धन की मांग की थी और क्या किसी प्रकार का आर्थिक लेनदेन हुआ। अधिकारियों के विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया गया है।
बढ़ सकती हैं मुश्किलें
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी से जुड़े गंभीर प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल CBI पूरे नेटवर्क, हवाला ट्रांजैक्शन और कथित प्रभाव के इस्तेमाल की जांच कर रही है।
जांच पर पूरे देश की नजर
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक वरिष्ठ IPS अधिकारी का नाम सामने आया है। CBI फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही है और एजेंसी की ओर से अभी तक अधिकारी को आरोपी घोषित नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही उनकी भूमिका पर अंतिम तस्वीर साफ होगी।













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