IDFC First Bank–AU Small Finance Bank मामले में CBI कार्रवाई के बाद बड़ा प्रशासनिक कदम
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़/हरियाणा, 26 जून 2026: हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा कथित सरकारी धन गबन और बैंक फ्रॉड मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद की गई है। पंकज अग्रवाल को IDFC First Bank से जुड़े कथित फंड मिसएप्रोप्रिएशन मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
CBI की जांच के अनुसार, यह मामला हरियाणा सरकार से जुड़े संस्थानों के बैंक खातों में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के खातों से जुड़े लेन-देन में गड़बड़ी हुई। इन खातों को चंडीगढ़ स्थित IDFC First Bank शाखा में संचालित किया जा रहा था।
CBI के मुताबिक, जांच में सामने आया कि कथित तौर पर बैंक खातों के संचालन और फंड ट्रांसफर में नियमों का उल्लंघन हुआ। एजेंसी करीब 60.54 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़े मामले की जांच कर रही है।
मामले की जांच के दौरान CBI ने आरोप लगाया है कि सरकारी फंड से जुड़े खातों में संदिग्ध लेन-देन किए गए और धनराशि को कथित रूप से अन्य संस्थाओं तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसी बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पंकज अग्रवाल हरियाणा सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। गिरफ्तारी के समय वह स्कूल शिक्षा और कृषि विभागों में प्रधान सचिव स्तर की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। CBI की कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने अखिल भारतीय सेवा नियमों के तहत निलंबन का फैसला लिया है।
इस पूरे मामले की जांच पहले हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) के स्तर पर थी, जिसे बाद में CBI को सौंपा गया। जांच में अब तक कई अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल (IAS: 2000 बैच) को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार और आपराधिक कदाचार से जुड़े मामले में की गई है। पंकज अग्रवाल वर्तमान में हरियाणा सरकार के वास्तुकला विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे।
मुख्य सचिव कार्यालय, हरियाणा सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, CBI नई दिल्ली ने मामले में FIR नंबर RC2212026E0005 दिनांक 8 अप्रैल 2026 दर्ज की है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
आदेश में बताया गया है कि पहले यह मामला हरियाणा के पुलिस थाना SV एवं ACB, पंचकूला में दर्ज FIR नंबर 04 दिनांक 23 फरवरी 2026 के रूप में दर्ज था, जिसमें कथित भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों की जांच चल रही थी। बाद में हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार की अधिसूचनाओं के बाद जांच CBI को सौंप दी गई।
CBI ने जांच आगे बढ़ाने के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17(ए) के तहत आवश्यक पूर्व अनुमति मांगी थी। हरियाणा सरकार ने IAS पंकज अग्रवाल के संबंध में जांच शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी थी।
आदेश के मुताबिक, पंकज अग्रवाल को 22 जून 2026 को रात 8:30 बजे हिरासत में लिया गया था और वह 48 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रहे। इसके बाद अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के नियम 3(2) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित माना गया है।
सरकार के आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान IAS पंकज अग्रवाल को नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा। उनके मुख्यालय से संबंधित आदेश बाद में जारी किए जाएंगे।
यह कार्रवाई हरियाणा प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा घटनाक्रम मानी जा रही है, क्योंकि पंकज अग्रवाल राज्य के वरिष्ठ नौकरशाहों में शामिल रहे हैं। CBI जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

IDFC First Bank और AU Small Finance Bank से जुड़े कथित बड़े वित्तीय अनियमितता मामले में हरियाणा सरकार पहले ही बैंकिंग लेन-देन को लेकर कदम उठा चुकी है। अब IAS अधिकारी के निलंबन के बाद यह मामला प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।













Total Users : 354175
Total views : 583559