रमेश गोयत
चंडीगढ़, 12 अगस्त 2026: चंडीगढ़ डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। 14 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत खाद्य सब्सिडी की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) यानी डिजिटल रुपया (e₹) के माध्यम से उद्देश्य-निर्धारित डिजिटल डिलीवरी का शुभारंभ किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया करेंगे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय शिक्षा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में भारत सरकार की उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतिभाई बंभानिया तथा चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
खाद्य सब्सिडी वितरण में डिजिटल बदलाव
यह पहल कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी में एक नए चरण की शुरुआत मानी जा रही है। अब तक व्यवस्था भौतिक खाद्यान्न वितरण से DBT और अब CBDC आधारित डिजिटल डिलीवरी की ओर बढ़ रही है।
लक्षित कल्याणकारी योजनाओं में डिजिटल रुपये के उपयोग की संभावनाओं को परखने के लिए CBDC पायलट परियोजना गुजरात, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में शुरू की गई थी। पायलट परियोजना के आधार पर चंडीगढ़ देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश होगा, जहां PMGKAY के लाभार्थियों के लिए खाद्य सब्सिडी के CBDC आधारित DBT का पूर्ण रूप से क्रियान्वयन किया जाएगा।
चंडीगढ़ सितंबर 2015 में खाद्य सब्सिडी के लिए DBT मॉडल लागू करने वाले अग्रणी क्षेत्रों में शामिल था। इसके तहत सब्सिडी वाले खाद्यान्नों के भौतिक वितरण की व्यवस्था के स्थान पर पात्र परिवारों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे सब्सिडी हस्तांतरित की गई थी।
डिजिटल रुपये की होगी प्रोग्रामेबिलिटी
नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता डिजिटल रुपये की प्रोग्रामेबिलिटी होगी। इसके तहत डिजिटल लाभ को निर्धारित उद्देश्य और निर्दिष्ट शर्तों के अनुसार इस्तेमाल के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है।
खाद्य सब्सिडी के मामले में डिजिटल लाभ को गेहूं और चावल जैसे पात्र खाद्यान्नों की अधिकृत एवं एम्पैनल्ड व्यापारियों से खरीद के लिए उद्देश्य-निर्धारित किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि सब्सिडी का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाए।
QR कोड स्कैन कर खरीद सकेंगे खाद्यान्न
लाभार्थियों के लिए पूरी प्रक्रिया को सरल रखा गया है। लाभार्थी को डिजिटल खाद्य सब्सिडी प्राप्त होगी। इसके बाद वह एम्पैनल्ड व्यापारी के पास जाकर QR कोड स्कैन करेगा और पात्र खाद्यान्नों की खरीद के लिए डिजिटल लेन-देन पूरा करेगा।
CBDC आधारित व्यवस्था का उद्देश्य सब्सिडी वितरण को अधिक पारदर्शी, ट्रेसेबल, जवाबदेह और कुशल बनाना है। साथ ही, नागरिकों के लिए डिजिटल माध्यम से सरल और समावेशी अनुभव उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
दादरा और नगर हवेली में भी होगी शुरुआत
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री चंडीगढ़ से दादरा और नगर हवेली के लिए भी CBDC आधारित पहल का रिमोट माध्यम से शुभारंभ करेंगे। इससे डिजिटल रुपये के माध्यम से उद्देश्य-निर्धारित खाद्य सब्सिडी डिलीवरी के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।
यह पहल चंडीगढ़ प्रशासन की सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की दिशा में जारी प्रयासों को दर्शाती है। साथ ही, मौजूदा DBT व्यवस्था को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़कर कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास है।
भौतिक खाद्यान्न → DBT → CBDC
भौतिक वितरण → प्रत्यक्ष लाभ → डिजिटल एवं उद्देश्य-निर्धारित लाभ
यह कार्यक्रम भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग तथा चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।














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