रमेश गोयत
चंडीगढ़। शहर में इन दिनों एक अनोखा लंगर चर्चा का विषय बना हुआ है। सेक्टर-8 स्थित मंदिर के बाहर आयोजित इस लंगर में पारंपरिक भोजन के बजाय लोगों को बर्गर और कोल्ड ड्रिंक बांटे गए। खास बात यह रही कि जरूरतमंद लोगों को खाने-पीने की चीजों के साथ 500 रुपये नकद देने की भी व्यवस्था की गई थी। नकद राशि लेने के लिए लोगों की लंबी कतार लग गई। भीड़ बढ़ने पर व्यवस्था संभालने के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए।
यह लंगर अमृतसर निवासी ‘राजा जी द किंग’ की ओर से लगाया गया था। आयोजक के अनुसार, नकद सहायता का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना है। राशि वितरण के लिए कूपन व्यवस्था भी रखी गई थी, ताकि कोई व्यक्ति बार-बार लाइन में लगकर पैसे न ले सके और ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
बर्गर और कोल्ड ड्रिंक के साथ नकद मदद
लंगर में पहुंचने वाले लोगों को बर्गर और कोल्ड ड्रिंक वितरित की गई। इसके साथ ही पात्र लोगों को 500 रुपये नकद देने की व्यवस्था की गई थी। नकद राशि प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े दिखाई दिए।
आयोजक का कहना है कि सेवा का मकसद जरूरतमंद लोगों तक सीधी मदद पहुंचाना है। कूपन व्यवस्था इसी उद्देश्य से लागू की गई, जिससे वितरण में पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
‘माता रानी के आदेश पर कर रहा हूं सेवा’
आयोजक ‘राजा जी द किंग’ के मुताबिक, वह लंबे समय से जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए इस तरह की सेवा करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि माता रानी की कृपा और उनके आदेश को मानते हुए वह अपनी कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंदों की सहायता में खर्च करते हैं।
उन्होंने बताया कि वह क्रिप्टो कारोबार से जुड़े हैं और उससे होने वाली आय का एक हिस्सा सामाजिक सेवा में लगाते हैं। उनके अनुसार, अमृतसर में पहले भी इस तरह के लंगर लगाए जा चुके हैं और वर्ष 2025 से चंडीगढ़ में भी इस प्रकार की सेवा की जा रही है।

पेट्रोल के लंगर का भी कर चुके हैं दावा
‘राजा जी द किंग’ इससे पहले चंडीगढ़ के मनीमाजरा क्षेत्र में पेट्रोल का लंगर लगाने का दावा भी कर चुके हैं। अब उन्होंने पेट्रोल और डीजल का लंगर लगाने की तैयारी की बात कही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हो सकी है।
नकद वितरण को लेकर उठे सवाल
बड़ी संख्या में लोगों को नकद राशि बांटे जाने के बाद आयोजक की कमाई और रकम के स्रोत को लेकर भी सवाल उठे। इस पर आयोजक का दावा है कि संबंधित एजेंसियां उनसे पूछताछ कर चुकी हैं और उनके पास अपनी आय के वैध स्रोत से संबंधित जानकारी मौजूद है।
इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित एजेंसियों या दस्तावेजों के आधार पर ही पूरी तरह हो सकती है। फिलहाल इस संबंध में आयोजक की ओर से दिया गया पक्ष ही सामने आया है।
भीड़ बढ़ी तो बाउंसरों ने संभाली व्यवस्था
लंगर के दौरान जैसे-जैसे लोगों की संख्या बढ़ी, नकद राशि प्राप्त करने वालों की कतार भी लंबी होती गई। भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए मौके पर बाउंसर तैनात किए गए।
आयोजकों के अनुसार, कूपन व्यवस्था और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित रखना और यह सुनिश्चित करना था कि उपलब्ध सहायता ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
इसलिए चर्चा में आया लंगर
चंडीगढ़ का यह लंगर इसलिए अलग नजर आया क्योंकि यहां पारंपरिक दाल-रोटी या सब्जी-पूड़ी के बजाय बर्गर और कोल्ड ड्रिंक बांटे गए, जबकि इसके साथ जरूरतमंद लोगों को नकद आर्थिक सहायता भी दी गई। इसी वजह से यह आयोजन स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, नकद वितरण की बड़ी मात्रा, धन के स्रोत और सेवा के संचालन से जुड़े सवालों पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों और एजेंसियों के पक्ष से ही स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल आयोजक इसे जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए की जा रही सेवा बता रहे हैं।














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