August 29, 2026 3:53 am

August 29, 2026 3:53 am

CHANDIGARH: डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर ₹38 लाख की साइबर ठगी, चंडीगढ़ में बड़ा मामला दर्ज

चंडीगढ़, 10 जनवरी। चंडीगढ़ में “डिजिटल गिरफ्तारी” के नाम पर की जा रही साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है। राजपुर खुर्द, चंडीगढ़ निवासी कृष्ण चंद की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, चंडीगढ़ में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ठगों ने खुद को जांच एजेंसियों से जुड़ा बताकर शिकायतकर्ता को कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाया तथा इस बहाने उनसे कुल ₹38,00,000 की राशि ठग ली।
पुलिस के अनुसार, इस संबंध में एफआईआर संख्या 03 दर्ज की गई है, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308, 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत पंजीकृत की गई है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने मोबाइल कॉल और डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर खुद को पुलिस, जांच एजेंसी अथवा सरकारी अधिकारी बताया और कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य गंभीर मामलों में नाम आने की बात कही।

इस तरह दिया वारदात को अंजाम
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें बताया कि वे “डिजिटल निगरानी” में हैं और किसी भी समय उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। डर का माहौल बनाकर उन्हें वीडियो कॉल पर लगातार संपर्क में रखा गया, ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें। इसके बाद अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए गए। दबाव और भय के चलते शिकायतकर्ता ने चरणबद्ध तरीके से ₹38 लाख की राशि आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में जमा करवा दी।

जांच में जुटी साइबर क्राइम पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके। साथ ही ठगी की रकम की रिकवरी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

पुलिस की लोगों से अपील
चंडीगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर “डिजिटल गिरफ्तारी” की धमकी दी जाए तो उस पर बिल्कुल विश्वास न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी एजेंसी द्वारा इस तरह फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी नहीं की जाती। ऐसे मामलों की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने की अपील की गई है।
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

4 0 0 0 8 0
Total Users : 400080
Total views : 645610

शहर चुनें