नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स की रखी आधारशिला, ‘न्याय आपके द्वार’ की अवधारणा को बताया मजबूत आधार
चंडीगढ़, 10 जनवरी।
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि आम नागरिक को शीघ्र और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अदालतों को लोगों के अधिक नजदीक स्थापित किया जा रहा है। अदालतें जितनी पास होंगी, उतना ही व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायिक प्रक्रिया का लाभ उठा सकेगा।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत शनिवार को बरवाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नव-निर्मित अदालत का विधिवत शुभारंभ किया तथा प्रस्तावित नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स की आधारशिला भी रखी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि नई अदालतों की स्थापना का मूल उद्देश्य एक्सेस टू जस्टिस यानी आम नागरिक तक न्याय को सरल, सुलभ और किफायती बनाना है। उन्होंने हरियाणा सरकार को इस पहल के लिए बधाई देते हुए बताया कि बरवाला और नारनौंद में सोमवार से न्यायिक कार्य विधिवत रूप से आरंभ हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने प्रत्येक राज्य में उच्च न्यायालय की व्यवस्था इसी भावना के साथ की थी ताकि नागरिकों को अपने मौलिक, नागरिक और मानवाधिकारों के लिए दिल्ली न जाना पड़े, बल्कि अपने राज्य में ही न्याय मिल सके।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हरियाणा सरकार का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने न्यायिक अवसंरचना के विकास में सदैव सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान वे हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन भी रहे हैं और हरियाणा में कई न्यायिक परिसरों के निर्माण के लिए सरकार से समय पर आर्थिक सहायता मिली। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मार्गदर्शन में न्यायिक अधिकारी आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए गुणवत्तापूर्ण न्याय प्रदान करेंगे और प्रदेश न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनेगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने मुख्य न्यायाधीश का उनकी पैतृक धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि यह दिन हिसार जिले के लिए गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपनी न्यायिक सूझबूझ से हरियाणा ही नहीं, पूरे देश का मान बढ़ाया है। आज वे न्यायिक व्यवस्था के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचकर युवाओं के लिए प्रेरणा बने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिससे अब आमजन को न्याय के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

कार्यक्रम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, न्यायमूर्ति अलका सरीन, न्यायमूर्ति एच.एस. सेठी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ईशा खत्री व सौरव खत्री, एसीजेएम अनुराधा, बार एसोसिएशन के प्रधान दिनेश सैनी सहित अनेक न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बार एसोसिएशन के प्रधान दिनेश सैनी ने मुख्य न्यायाधीश को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विधायक रणधीर पनिहार, उपायुक्त महेंद्र पाल, एसपी शशांक आनंद, पूर्व सांसद डी.पी. वत्स, पूर्व मंत्री अनूप धानक, एसडीएम वेद प्रकाश, अधिवक्ता मनोज, अधिवक्ता नवदीप चहल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










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